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9 मौतों के बाद CM ने रेस्क्यू-ऑपरेशन की समीक्षा की:पढ़ांना में रेस्क्यू किए लोगों से बात की, अधिकारियों से बोले-बारिश बाकी, हर परिस्थिति को तैयार रहें
राजगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच पढ़ाना में कार बहने से 9 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जिले के रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने खुजनेर, खिलचीपुर, जीरापुर और माचलपुर में चलाए गए बचाव अभियानों की जानकारी ली। CM ने कहा कि यदि चार जगह टीमें लगी थीं। पांचवीं जगह भी संकट में थी, तो संभाग या राज्य स्तर से अतिरिक्त टीम और संसाधन बुलाए जाने चाहिए थे। चार क्षेत्रों में 24 लोगों का रेस्क्यू सोमवार को जिले में भारी बारिश के कारण खुजनेर, खिलचीपुर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पानी में फंसे 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी दौरान सारंगपुर क्षेत्र के पढ़ाना में तेज बहाव में एक कार बह गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई। घटना के बाद प्रशासन के रेस्क्यू ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल उठे। जल मंदिर में फंसे 6 श्रद्धालु भी रेस्क्यू किए गए सोमवार को खिलचीपुर के जल मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे 6 श्रद्धालु अचानक जलस्तर बढ़ने से मंदिर में फंस गए थे। मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया था। सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। मंगलवार को इन्हीं श्रद्धालुओं को प्रशासन ने जल मंदिर बुलाया था। यहां उनकी मुख्यमंत्री से बातचीत कराने की तैयारी थी। मंदिर के बाहर लैपटॉप लगाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित तोलानी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। CM ने कलेक्टर से मांगा रेस्क्यू का अपडेट कुछ देर बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। उन्होंने कलेक्टर से जिले में हुए रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी ली। सीएम ने रेस्क्यू टीम की सराहना की कलेक्टर से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों ने अच्छा काम किया, लेकिन आपदा के समय केवल स्थानीय संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चार स्थानों पर टीमें काम कर रही हैं और पांचवीं जगह भी संकट में है, तो राज्य या संभाग स्तर से अतिरिक्त टीम और संसाधन बुलाए जाने चाहिए। ऐसी स्थिति के लिए पहले से व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद तुरंत मौके पर पहुंच सके। CM बोले- हर स्थिति के लिए तैयार रहे प्रशासन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह घटना प्रशासन के लिए एक परीक्षा की तरह है। अभी बारिश का समय बाकी है। आगे अलग परिस्थितियां बन सकती हैं, सभी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी मिले। अतिरिक्त संसाधन समय पर मौके पर पहुंच सकें। 'जो बच सकते हैं, उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता' मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय यदि प्रशासन समय पर नहीं पहुंच पाता और लोगों को नुकसान होता है तो लोगों में आक्रोश पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बचाया जा सकता है, उन्हें हर हाल में बचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। CM ने रेस्क्यू में जुटे अधिकारियों और टीमों के काम की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने घटना से सीख लेते हुए भविष्य के लिए संसाधनों और रेस्क्यू टीमों की उपलब्धता की बेहतर योजना तैयार करने के निर्देश दिए।