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सिफारिशें बेअसर, देर रात चेकिंग में 100 से ज्यादा चालान:दतिया में 12 जगह पुलिस ने वाहनों के दस्तावेज खंगाले, व्यवसायिक वाहनों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई
दतिया में रविवार देर रात पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक ने हाथ जोड़कर कहा- सर, पापा ने तो मुझे सामान लेने भेजा था। क्या पता था आज चेकिंग चल रही है। पहली बार ऐसा हुआ है, आज चालान रहने दो, मैं माफी मांगता हूं। पुलिसकर्मी ने उसकी बात सुनी, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी। इसी तरह कई वाहन चालकों ने फोन मिलाकर मदद लेने की कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक प्रभारी ने किसी की सिफारिश नहीं मानी। जांच के दौरान 100 से ज्यादा चालान बनाए गए। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई व्यवसायिक वाहनों पर हुई। शहर में 12 जगह पुलिस की निगरानी
देर रात वाहन चेकिंग के लिए पुलिस ने शहर और आसपास के प्रमुख रास्तों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर जांच शुरू की थी। ग्वालियर-झांसी हाईवे ब्रिज के नीचे, झांसी बाईपास और असनई मार्ग पर पुलिस ने आने-जाने वाले वाहनों को रोककर जांच की। शहर के भीतर राजगढ़ चौराहा, सीता सागर के सामने, लाला का तालाब और किला चौक पर भी पुलिस की टीम तैनात रही। इन जगहों पर अचानक वाहन रोककर कागजात और अन्य जरूरी चीजों की जांच की जा रही थी। इसी तरह ठंडी सड़क, राजघाट तिराहा, सेंवढ़ा चुंगी, भांडेर रोड भेड़पुरा और उनाव रोड पर भी पुलिस ने मोर्चा संभाला। अलग-अलग थाना क्षेत्रों के प्रभारी खुद चेकिंग में मौजूद रहे और संदिग्ध नजर आने वाले वाहनों को रोककर जांच कराई। सामान लेने निकला था, लेकिन कागज पूरे नहीं मिले
चेकिंग के दौरान व्यवसायिक काम में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर पुलिस की नजर ज्यादा रही। कई वाहन चालकों से कागजात दिखाने को कहा गया। दस्तावेजों में कमी मिलने पर मौके पर ही चालान की कार्रवाई की गई। इसी दौरान एक युवक ने कार्रवाई से बचने के लिए सफाई दी कि उसे पिता ने सामान लेने भेजा है। उसका कहना था कि उसे चेकिंग की जानकारी नहीं थी और पहली बार गलती हुई है। उसने माफी मांगते हुए चालान नहीं काटने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की। फोन पर बात कराने की कोशिश भी बेअसर
चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों ने पुलिसकर्मियों से बहस करने के बजाय मोबाइल निकालकर किसी परिचित या प्रभावशाली व्यक्ति से बात कराने की कोशिश की। उम्मीद थी कि फोन आने के बाद मामला खत्म हो जाएगा। लेकिन चेकिंग में तैनात पुलिस अधिकारियों ने फोन की सिफारिश सुनने के बजाय वाहन और दस्तावेजों की जांच को प्राथमिकता दी। कमी मिलने पर चालान बनाया गया। सबसे ज्यादा निशाने पर व्यवसायिक वाहन
इस पूरी कार्रवाई में व्यवसायिक वाहनों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई देखने को मिली। सामान ढोने और कारोबार से जुड़े काम में इस्तेमाल होने वाले कई वाहनों को रोककर दस्तावेज जांचे गए। नियमों में कमी मिलने पर चालान काटे गए। पुलिस की कार्रवाई का असर चेकिंग पॉइंट से पहले ही दिखाई देने लगा। कुछ वाहन चालकों ने दूर से पुलिस की मौजूदगी देखी तो रास्ता बदल लिया। कुछ वाहन चालक चेकिंग स्थल तक पहुंचे ही नहीं और दूसरे रास्तों से निकल गए। कुछ ने वाहन रोककर चेकिंग खत्म होने का इंतजार करना ही बेहतर समझा। 100 से ज्यादा चालान, देर रात तक जारी रही जांच
अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई में 100 से ज्यादा चालान बनाए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि चेकिंग का उद्देश्य नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई करना था। इसी वजह से अलग-अलग स्थानों पर थाना प्रभारी खुद मौजूद रहे और वाहनों की जांच कराई।