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nana patekar :क्रांति प्रकाश झा ने कहा नाना सर की बेबाकी उन्हें बनाती थी सबसे अलग

दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के साथ वेब सीरीज "संकल्प" में साथ में स्क्रीन साझा करने वाले अभिनेता क्रांति प्रकाश झा इसे अपने करियर की बड़ी उपलब्धि करार देते हैं. वह बताते हैं कि जिनकी फिल्में देखकर बड़ा हुआ. अभिनय से जुड़ा उनके साथ काम करने का मौका एक सपने जैसा था. मेरे पिता भी नाना सर के प्रशंसक थे इसलिए मेरे लिए संकल्प की शूटिंग कभी ना भूलने वाला अनुभव ताउम्र रहेगा. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत
सामने से आकर नाना सर ने सहज करवाया
शूटिंग का पहला ही दिन और नाना सर के साथ सीन. मैं बहुत ज्यादा ही नर्वस था. वह समझ गए कि मैं नर्वस हूँ तो उन्होंने सामने से आकर अपने अंदाज में मुझे सहज करवाया कि तू नर्वस क्यों हो रहा है. तू आराम से कर जाएगा.वह सेट पर कभी महसूस नहीं करवाते थे कि वह द ग्रेट नाना पाटेकर हैं.एकदम सहज और बहुत आत्मीय से मिलते थे.मुझे तो सीरीज के प्रमोशन के दौरान भी वह कहते थे कि तू पीछे क्यों है आगे आ.
नाना सर ने पूछा ज्यादा चोट तो नहीं लगी
सीरीज के एक सीन में उन्हें मुझको छड़ी से मारना था. जब वह नकली से मारा जा रहा था. उसका प्रभाव असली नहीं आ रहा था तो मैंने कहा कि नाना सर असली में मार दीजिये छड़ी. उन्होंने जवाब में बोला कि तुझे असली चोट लगेगी.मैंने कहा सीन में वही रियल फील आना चाहिए तभी बढ़िया सीन परदे पर आएगा.उन्होंने असली में छड़ी मारी और सीन अच्छा बन गया. जब पैकअप हुआ तो नाना सर ने मुझे अपनी वैनिटी वैन में बुलाया और मुझसे पूछा कि तुझे ज्यादा चोट तो नहीं आयी.
मेरे लिए वेज खाना था बनाया
उनके खाना बनाने और खिलाने के अनगिनत किस्से हैं.संकल्प की शूटिंग के बाद जब हम होटल पहुँचते थे. वह सभी के लिए अपना सिग्नेचर नॉन वेज डिश बनाते थे.उन्हें मालूम हुआ कि मैं नॉन वेज नहीं खाता तो मुझसे पूछा कि तू कैसे वेजेटेरियन रह गया. मैंने बोला सर बहुत साल पहले छोड़ दिया. जिसके बाद उन्होंने मुझे पनीर की एक डिश बनाकर खिलाई थी.
लगा था हमेशा रहेंगे
नाना सर जिस तरह की फिटनेस रूटीन मेन्टेन करते थे. लगता था कि वह हमेशा हमारे साथ रहेंगे, लेकिन वो कहते हैं ना भगवान ने जितनी साँसे दी है. उतनी जिंदगी है। इस बात को कहने के साथ मैं ये भी कहूंगा कि उन्हें हमारे साथ और रहना चाहिए. वे सिर्फ बेजोड़ अभिनेता ही नहीं थे बल्कि उनके जैसी सीधी रीढ़ वाले बहुत कम लोग हैं .उनकी बेबाकी और सच कहने का साहस सबकुछ उन्हें सबसे अलग बनाती थी.