समाचार · मध्य प्रदेश
गुना में घर में पानी घुसने से महिला का रेस्क्यू:नानाखेड़ी में सड़कों पर कई फीट भरा पानी; गुनिया नदी उफान पर, बुधवार को स्कूलों में छुट्टी
गुना में मंगलवार को हुई इस सीजन की सबसे तेज बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। तीन घंटे में 3 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। नानाखेड़ी में सड़क पानी में डूब गई। वहीं गोविंद गार्डन, पटेल नगर में घरों में पानी घुस गया। SDERF की टीम ने एक महिला का वहां से रेस्क्यू किया। गुनिया नदी उफान पर आ गई। बुधवार को प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। मंगलवार सुबह से धूप निकली हुई थी। दोपहर 2 बजे से आसमान में बादल छाने लगे। 3 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जो 6 बजे तक जारी रही। इन तीन घंटों में ही शहर तरबतर हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शाम सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 84 मिमी बारिश शहर में दर्ज की गई। नानाखेड़ी में नाला निर्माण की खुली पोल पिछले वर्ष 29 जुलाई को हुई बारिश से नानाखेड़ी इलाके पानी में डूब गया था। इसी से सबक लेते हुए प्रशासन ने मणिधारी गार्डन से नानाखेड़ी मंडी गेट तक सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाकर दुकानदारों से 20 फीट चौड़ा नाला बनाने को कहा था। कई दुकानदारों ने नाला निर्माण किया भी, लेकिन कई जगह वह पूरा नहीं हो पाया। इसी का असर रहा कि आज की बारिश से फिर नानाखेड़ी इलाके में पानी भर गया। एक तरफ की सड़क तो पूरी पानी में डूब गई। इससे वाहनों का आवागमन रुक गया। रॉयल व्यास गार्डन पानी में डूब गया। इस इलाके में 5 फीट से ज्यादा पानी भर गया। एक वर्ष से प्रशासन जो तैयारियां कर रहा था, वो धरी रह गईं। गोविंद गार्डन, पटेल नगर में कई फिट पानी उधर गुनिया नदी किनारे बसे पटेल नगर और गोविंद गार्डन में इस बार भी पानी भर गया। यहां सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया। पानी निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी नहीं निकल पाया। कुछ घरों में भी पानी घुसा। घर में फांसी महिला का SDERF ने रेस्क्यू किया। पटेल नगर में तो घरों में भी पानी घुस गया। व्यापारियों से फंड लेकर कराई थी नदी की सफाई बता दें कि पिछले वर्ष से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने गुनिया नदी की सफाई कराई थी। इसके लिए व्यापारियों, नागरिकों से फंड भी एकत्रित किया गया था। लगभग एक महीने तक JCB से नाले की सफाई हुई और कुछ अतिक्रमण भी चिन्हित किए गए, लेकिन वह हटाए नहीं गए। लाखों का फंड एकत्रित होने के बाद भी ठीक से सफाई नहीं हो पाई। यही कारण रहा कि बारिश में गुनिया उफान पर आ गई और कई इलाकों में पानी भर गया। बाजार में घुटनों तक पानी
शहर की नई सड़क पर बारिश के दौरान घुटनों तक पानी बहता दिखाई दिया। सड़क पर तेज बहाव के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो गया। वहीं दुकानों के सामने पानी भरने के बाद व्यापारी अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखने में जुट गए। कई दुकानदार दुकानों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए सामान ऊपर रखने और पानी रोकने के इंतजाम करते नजर आए। पिछले वर्ष आई भयावह बाढ़ की याद मंगलवार की बारिश ने ताजा कर दी। रहवासियों ने मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर तत्काल नालियों की सफाई कराई जाए। जहां सामान्य नालियों से पानी की निकासी संभव नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार मशीनों से पानी निकालने और जल निकासी के स्थायी इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि अभी बारिश का मौसम बाकी है और यदि पहली ही तेज बारिश में यह स्थिति बन रही है तो आने वाले दिनों में अधिक बारिश होने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं। मंगलवार की बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ घंटों की तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी सामने ला दी। घरों और दुकानों में पानी पहुंचने की घटनाओं ने उन इलाकों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है, जहां हर तेज बारिश के बाद जलभराव होता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और नगर पालिका जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाते हैं। तस्वीरों में देखिए बारिश के बाद की बदहाली…