समाचार · मध्य प्रदेश
मुरैना में मेहरबान हुआ मानसून:अब तक 219.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज; रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिले, खरीफ फसलों को मिली राहत
मुरैना में शुक्रवार सुबह से जिले में रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों में नमी बढ़ने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश बाजरा, मूंग और उड़द जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। बारिश से बदला मौसम, खेतों में बढ़ी नमी सुबह से जारी हल्की बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह वर्षा फसलों की बढ़वार के लिए संजीवनी का काम करेगी। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार 1 जून से 6 अगस्त 2026 तक जिले में 219.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 734.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी इस बार अब तक 514.4 मिलीमीटर कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 706.9 मिलीमीटर है। 6 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश यहां हुई 6 अगस्त को जिले में औसतन 32.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार वर्षा का आंकड़ा 1 जून से 6 अगस्त तक सबसे अधिक वर्षा जौरा (318 मिमी) में दर्ज की गई, जबकि सबलगढ़ (114 मिमी) सबसे कम बारिश वाला क्षेत्र रहा। अगले दो दिन भी बारिश के आसार मौसम विभाग के वैज्ञानिक हरविंद्र तोमर ने बताया कि जिले में अगले दो दिनों तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भले ही अब तक सामान्य से कम बारिश हुई हो, लेकिन वर्तमान बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी लाभकारी है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह वर्षा होती रही तो जिले में बाजरा, मूंग, उड़द समेत अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।