सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त मामला:पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन सहित नौ की सजा पर सुनवाई आज

सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त मामला:पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन सहित नौ की सजा पर सुनवाई आज

सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदने के 15 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत नौ औरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इनकी सजा के बिंदु पर शनिवार को सुनवाई होगी। सीबीआई के विशेष जज एसएन तिवारी की कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पाए जाने के बाद इन सभी को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) भेज दिया गया। कोर्ट ने 22 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 29 अगस्त को फैसले की तारीख निर्धारित की थी। एनोस एक्का पर सीएनटी की धारा 46 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 16 साल पहले 1.18 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति खरीदने का आरोप है। बचाव पक्ष के वकील अनिल कुमार सिंह महाराणा ने बताया कि कुल 11 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें से एक आरोपी तत्कालीन राजस्व कर्मचारी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जबकि एक आरोपी परशुराम केरकेट्‌टा आईसीयू में भर्ती है। उसके रिकॉर्ड को अलग कर दिया गया है। आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी पते का इस्तेमाल करने का आरोप एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी पते का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसकी मदद तत्कालीन एलआरडीसी ने की थी। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीदारी की गई थी। मामले में सीबीआई की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह के साथ पीपी खुशबू जायसवाल ने कोर्ट में 18 गवाहों को पेश किया था। इसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मेनन एक्का के नाम से खरीदी गई थी जमीन एनोस ने मेनन एक्का के नाम से हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़ से अधिक, रांची के नेवरी में 4 एकड़ से अधिक, चुटिया के सिरम मौजा स्टेशन रोड में 9 डिसमिल जमीन खरीदी थी। सभी जमीन की खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी। ये नौ आरोपी दोषी करार पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन तीन सीआई राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मनीलाल महतो एवं ब्रजेश्वर महतो। सीबीआई ने 2010 में दर्ज की थी प्राथमिकी हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का समेत अन्य पर एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मामले में एनोस एक्का समेत अन्य पर 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने सबूत पेश किया था।

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