रांची| झारखंड हाईकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को झटका लगा है। मधु कोड़ा की ओर से निचली अदालत द्वारा डिस्चार्ज याचिका को खारिज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें राहत देने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाला मामले में निचली अदालत में ट्रायल शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि मधु कोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए हैदराबाद की बिजली कंपनी आईवीआरसीएल के निदेशक डीके श्रीवास्तव से मुंबई में 11.40 करोड़ रुपये रिश्वत ली थी। कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उसे लातेहार, गढ़वा और पलामू सहित छह जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण करने का ठेका दे दिया। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इसमें मधु कोड़ा ढाई साल तक जेल में रहे थे। उन्हें 30 जुलाई 2013 को जमानत मिली थी।
हाईकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की याचिका खारिज
