अखिलेश दुबे की ‘विषकन्या’ ने वकील पर कराई FIR:बोली- फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में वकालतनामा लगाया; BJP नेता पर झूठा रेप केस कराई थी

अखिलेश दुबे की ‘विषकन्या’ ने वकील पर कराई FIR:बोली- फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में वकालतनामा लगाया; BJP नेता पर झूठा रेप केस कराई थी

कानपुर में भाजपा नेता रवि सतीजा के खिलाफ अखिलेश दुबे के इशारे पर झूठा रेप केस दर्ज कराने वाली ‘विषकन्या’ शुक्रवार को सामने आ गई। युवती ने कोतवाली थाने में अधिवक्ता बिलाल आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि बिलाल ने बगैर उसकी अनुमति के उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में अपना वकालतनामा लाभ पाने के लिए लगाया है। कोतवाली थाने की पुलिस अधिवक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जल्द ही पुलिस पर्दे के पीछे शामिल बड़े खिलाड़ियों के नाम उजागर करेगी। विषकन्या से पूछताछ में जल्द बेनकाब होंगे बड़े चेहरे
कच्ची बस्ती उस्मानपुर क्षेत्र में रह रही युवती मूलरूप से छपरा की रहने वाली है। वह घरों में खाना बनाने और झाड़ू-पोछा का काम करती है। युवती ने बताया- मैंने कुछ लोगों के बरगलाने पर 4 दिसंबर 2024 को बर्रा थाने में रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना झूठी होने के कारण बर्रा पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जो कोर्ट में विचाराधीन है। युवती ने बताया- मुझे अभी जानकारी हुई है कि उस मुकदमे में फर्जी और धोखाधड़ी करते हुए मेरे नाम के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर किसी बिलाल आलम नाम के अधिवक्ता ने अपना वकालतनामा कोर्ट में लगाया है। जबकि, मैं किसी बिलाल आलम नाम के वकील को नहीं जानती हूं। मैंने कभी बिलाल को वकील नहीं नियुक्त किया। बिलाल ने धोखाधड़ी से मेरे फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में वकालतनामा दाखिल किया है। बिलाल से पूछताछ करके पुलिस अब रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर और फिर वसूली के खेल में शामिल अन्य लोगों का नाम भी जल्द ही उजागर करेगी। एक मुकदमे के 50 हजार से 2 लाख रुपए तक मिलते थे
युवती ने पुलिस पूछताछ में बताया- अधिवक्ता टोनू ने रुपए का लालच देकर मुझे अखिलेश दुबे से मिलवाया। मैंने उसके कहने पर ही रवि सतीजा के खिलाफ रेप की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एक मुकदमे के बदले मुझे 50 हजार से 2 लाख रुपए तक मिलते थे। पुलिस कुछ नहीं करेगी, इसकी गारंटी देते थे। हमारी बस्ती की महिलाएं दुबे के साथ इस धंधे में लिप्त हैं। जब SIT ने जांच शुरू की तो टोनू ने बस्ती में रहने वाली 10 से अधिक महिलाओं को छत्तीसगढ़ भेज दिया। मेरी छोटी बहन भी किसी लड़के के साथ भाग निकली। आरोपी वकील पूछताछ में बोला- मुंशी ने हस्ताक्षर किए
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया- मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी वकील बिलाल ने पूछताछ में बताया कि मेरे मुंशी ने हस्ताक्षर किए थे। मुंशी को बुलाकर पूछताछ की जाएगी, फिलहाल बिलाल को जाने दिया गया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तेजी से मामले की जांच शुरू कर दी है। अब आपको बताते हैं केस के पीछे की कहानी अखिलेश दुबे ने लड़कियों को आगे कर भाजपा नेता पर फर्जी रेप केस कराया भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में चर्चित वकील अखिलेश दुबे, आयुष मिश्रा उर्फ लवी, शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू समेत 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि उनके खिलाफ इन लोगों ने दो लड़कियों को आगे कर फर्जी रेप केस कराया। पुलिस की जांच में रेप केस फर्जी पाया गया। पुलिस ने भाजपा नेता के मुकदमे में अखिलेश दुबे समेत तीन लोगों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया है। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसी केस की जांच कर रही पुलिस ने जब अखिलेश दुबे की ओर से झूठा रेप केस दर्ज कराने वाली युवतियों को बरामद किया तो पूरी कहानी ही पलट गई। युवती ने बताया कि खुद ही पीड़ित हैं। इसके बाद पुलिस ने तहरीर लेकर पीड़ित युवती की तहरीर पर अब कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की है। क्योंकि कचहरी में पूरा फर्जीवाड़ा किया गया है। पुलिस जल्द ही केस में शामिल अन्य आरोपियों के भी नाम खोल सकती है। रवि सतीजा बोले- अखिलेश दुबे का आदमी है वकील बिलाल
भाजपा नेता रवि सतीजा ने बताया- मेरे खिलाफ रेप केस झूठा पाए जाने पर पुलिस ने 29 अप्रैल 2015 को एक्सपंज कर दिया और कोर्ट में एक्सपंज रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसी बीच वकील बिलाल आलम ने वकालतनामा पर वादिनी के फर्जी हस्ताक्षर बनाए और केस में शामिल हो गया। इसके बाद उनसे कोर्ट में एक्सपंज रिपोर्ट का विरोध न करने के एवज में 50 लाख रुपए की मांग की। कहा कि बिलाल अखिलेश दुबे का आदमी है। पुलिस की जांच में सब साफ हाे जाएगा। —————————— ये खबर भी पढ़िए- वकील अखिलेश दुबे ने मेरी गंदी किताबें छपवाकर बंटवाईं, मंडप से उठवाने की कोशिश की ‘मुझे शादी के मंडप से उठवाने का प्रयास किया। मेरे खिलाफ अश्लील किताबें छपवा कर बंटवा दीं। झूठी शिकायत की, मेरे होटल खरीदने के बाद वो रंगदारी के चक्कर में मेरे पीछे पड़ गया था। औरतें अमूमन क्या करती हैं या तो आत्महत्या कर लेती हैं या तो सरेंडर। दो ही विकल्प हैं, लेकिन जब से भाजपा सरकार आई है, तब से कानून व्यवस्था बेहतर हुई है।’ यह कहना है कानपुर की प्रज्ञा त्रिवेदी का। उन्होंने बताया कि एक होटल मालकिन होने के बाद भी आखिर अखिलेश दुबे ने किस कदर उनकी जिंदगी को नरक बना दिया था। पढ़ें पूरी खबर

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