मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन का दूसरा दिन:मनोज जरांगे बोले- ये आखिरी लड़ाई, सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा न ले

मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन का दूसरा दिन:मनोज जरांगे बोले- ये आखिरी लड़ाई, सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा न ले

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है। जरांगे जालना से बुधवार को मुंबई के लिए निकले थे। उन्होंने 29 अगस्त को मुंबई आजाद मैदान में अनशन शुरू किया। जरांगे ने घोषणा की कि जब तक समुदाय की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। मनोज ने चेतावनी दी कि हम अपना हक मांग रहे हैं, यह हमारी आखिरी लड़ाई है। सरकार समुदाय के धैर्य की परीक्षा न ले। अगर शिक्षा और नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर फैसला लेने में देरी होती है, तो वह अगले 2 दिनों में पानी पीना बंद कर देंगे। जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण के लिए ओबीसी के तहत कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। शुक्रवार को मुंबई पहुंचे सैकड़ों समर्थकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर शरण ली। कई प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियों में रात बिताई। महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण समितियों का कार्यकाल बढ़ाया जरांगे के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने वंशावली समितियों का कार्यकाल 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। ये समितियां ओबीसी कैटेगरी में आने वाली कुनबी जाति के पात्र मराठा समुदाय के लोगों को जाति और जाति वैधता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तालुका स्तर पर बनाई गई हैं। 25 जनवरी 2024 को वंशावली समितियों का गठन किया था और उनका कार्यकाल पहले 30 जून 2025 तक बढ़ाया था। समर्थकों के कारण दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम शनिवार को मुंबई में सीएसएमटी और आसपास के इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के लिए मनाने में जूझती रही। प्रदर्शनकारी शौचालय, पानी और शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई। मुंबई पुलिस ने भी 2000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया है। आंदोलन के पहले दिन की तस्वीरें… मराठा आरक्षण आंदोलन पर किसने, क्या कहा… 2023 से लेकर अबतक 7वां अनशन 29 अगस्त 2023 को जालना के अपने अंतरवाली साठी गांव में मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर पहली बार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। तब से यह उनका 7वां विरोध प्रदर्शन है। जरांगे ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले कई विरोध रैलियां और भूख हड़तालें की हैं। 20 फरवरी 2024 को एकनाथ शिंदे सरकार ने मराठों को 50% की सीमा से ऊपर 10% आरक्षण देने के लिए एक विधेयक पेश किया। इस साल जनवरी में भी राज्य सरकार की ओर से भाजपा विधायक सुरेश धास के हस्तक्षेप के बाद, जारंगे ने छठे दिन अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी। हालांकि इससे पहले 5 मई 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण देते समय 50% आरक्षण का उल्लंघन करने का कोई वैध आधार नहीं होने पर कॉलेजों, उच्च शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण को रद्द कर दिया था।

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