Kya Such Me Pariyan Hoti Hain: घने जंगल, सन्नाटा, ढोल-दमाऊं की आवाज और अचानक किसी का बदली हुई आवाज में बोलना…कुमाऊं के पहाड़ों में परियां सिर्फ कहानी नहीं मानी जातीं. यहां लोग आज भी मानते हैं कि जंगलों में एड़ी-आंचरी रहती हैं, जो नाराज़ हों तो बीमार कर देती हैं और खुश हों तो मनोकामनाएं पूरी करती हैं. बचपन में “परी लग गई” कहकर डराने से लेकर जागर में शरीर में उतरने तक, यह रहस्य आज भी जिंदा है. आखिर कौन हैं एड़ी-आंचरी, क्यों आज भी लोग इनके लिए जंगलों में पूजा करते हैं और क्यों कहा जाता है कि ये दिखाई नहीं देतीं, लेकिन महसूस जरूर होती हैं? आइए जानते है डिटेल में.
क्या सच में पहाड़ों में रहती हैं परियां? जानिए रहस्यमयी ‘एड़ी-आंचरी’ की कहानी
