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FIFA World Cup: स्पेन से हार के बाद फ्रांस में छाई मायूसी, मीडिया ने टीम के प्रदर्शन पर उठाए सवाल

स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल में 0-2 की हार के साथ फ्रांस का विश्व कप जीतने का सपना टूट गया. किलियन एम्बाप्पे की अगुवाई वाली टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन स्पेन के मजबूत डिफेंस और अनुशासित खेल के सामने फ्रांसीसी टीम बेअसर नजर आई. हार के बाद पूरे फ्रांस में निराशा का माहौल देखने को मिला.
हार के बाद सड़कों पर दिखी नाराजगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेमीफाइनल में मिली हार के बाद पेरिस समेत कई शहरों में तनाव का माहौल रहा. राजधानी पेरिस में कुछ जगहों पर झड़पों की खबरें सामने आईं, जबकि ल्योन में युवाओं और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं भी दर्ज की गईं. विश्व कप से बाहर होने का दर्द सिर्फ स्टेडियम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे देश में महसूस किया गया.
डेसचैम्प्स के विश्व कप सफर का अंत?
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए यह विश्व कप आखिरी माना जा रहा है. उन्होंने पहले ही संकेत दिया था कि यह उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है. डेसचैम्प्स ने 1998 में खिलाड़ी के रूप में फ्रांस को विश्व कप जिताया था, जबकि 2018 में कोच के तौर पर टीम को चैंपियन बनाया. इसके अलावा 2022 विश्व कप में भी उन्होंने फ्रांस को फाइनल तक पहुंचाया था.
हार के बाद भावुक दिखे डेसचैम्प्स
मैच के बाद डेसचैम्प्स ने कहा कि एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उन्हें कई यादगार पल जीने का मौका मिला है. हालांकि उन्होंने अपने भविष्य पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि फिलहाल यह समय भविष्य की चर्चा का नहीं है और टीम को इस हार को स्वीकार करना होगा. उन्होंने माना कि इस समय वह बेहद निराश हैं.
फ्रांसीसी मीडिया ने जमकर की आलोचना
फ्रांस के प्रमुख खेल अखबार 'एल'इक्विप ने टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताई. अखबार ने लिखा कि डेसचैम्प्स की टीम खेल के लगभग हर विभाग में स्पेन से पीछे रही और वह उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी जो उसने शुरुआती छह मैचों में शानदार प्रदर्शन करके जगाई थीं.
शुरुआती दौर जैसा खेल नहीं दिखा सकी टीम
विश्व कप के पहले छह मुकाबलों में फ्रांस ने आक्रामक और प्रभावशाली फुटबॉल खेली थी. लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम वैसी लय नहीं पकड़ सकी. स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के हमलावरों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया.
कोच के समर्थन में उतरे एम्बाप्पे
हार के बावजूद किलियन एम्बाप्पे अपने कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के समर्थन में खड़े नजर आए. उन्होंने कहा कि फ्रांस के लिए डेसचैम्प्स का योगदान किसी से छिपा नहीं है और खिलाड़ियों के मन में उनके लिए सम्मान पहले जैसा ही बना हुआ है.
तीसरे स्थान के मैच में जीत से विदाई देना चाहते हैं खिलाड़ी
एम्बाप्पे ने कहा कि टीम अब तीसरे स्थान के लिए होने वाले मुकाबले पर ध्यान देगी और खिलाड़ी अपने कोच के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेंगे. उन्होंने कहा कि डेसचैम्प्स ने खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में फ्रांसीसी फुटबॉल के लिए एक शानदार कहानी लिखी है और टीम उन्हें जीत के साथ विदाई देना चाहेगी.
फाइनल का सपना टूटा
फ्रांस भले ही विश्व कप फाइनल में जगह नहीं बना सका, लेकिन टीम के पास अभी भी तीसरे स्थान के साथ टूर्नामेंट का अंत सकारात्मक तरीके से करने का मौका है. वहीं, सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि डिडिएर डेसचैम्प्स अपने भविष्य को लेकर क्या फैसला लेते हैं.
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