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VIDEO: दिल्ली पुलिस ने जारी किया अभिजीत दीपके की हिरासत का वीडियो, बोली - कस्टडी में दी थी दादी के निधन की खबर

INT News11 October 2026 at 07:14 pm

CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने बताया, अभिजीत दीपके को दुखद खबर की जानकारी दी गई थी. साथ ही, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह नगर जाने और परिवार से बात करने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.

यह वीडियो दीपके की मां और CJP की ओर से पुलिस पर लगाए गए आरोपों के बाद जारी किया गया. दीपके की मां ने आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई. पार्टी ने भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए थे.

‘हरसंभव मदद की पेशकश की गई थी’

दिल्ली पुलिस की डीसीपी (जनसंपर्क) नेहा यादव ने संवाददाता सम्मेलन में वीडियो दिखाते हुए कहा कि जैसे ही पुलिस को दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिली, अधिकारियों ने उन्हें इसकी सूचना दी और हरसंभव मदद की पेशकश की.

नेहा यादव के मुताबिक, दीपके से पूछा गया कि क्या उन्हें फ्लाइट, फोन कॉल या किसी अन्य तरह की सहायता की जरूरत है. उन्हें अपने माता-पिता से बात करने का विकल्प भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया.

पुलिस ने बताया कि दीपके की दादी लंबे समय से बीमार थीं. शनिवार को पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे उनका निधन हो गया था. पुलिस का कहना है कि दीपके को निधन की जानकारी देने के साथ अंतिम संस्कार का निर्धारित समय भी बताया गया था.

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CJP के प्रदर्शन को अनुमति क्यों नहीं मिली?

डीसीपी नेहा यादव ने CJP के पिछले प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पहले अनुमति दिए जाने के बावजूद पार्टी के प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं किया था. पुलिस के मुताबिक, पिछले प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुई थीं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था.

उन्होंने कहा कि तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने और मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जनपथ पर प्रस्तावित धरने की अनुमति नहीं दी गई. पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने का भी हवाला दिया और कहा कि सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया.

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विमान से हिरासत में लिए गए थे CJP के तीन नेता

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने एक विमान के भीतर से हिरासत में लिया था. पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में लागू निषेधाज्ञा और प्रक्रियागत आवश्यकताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

बाद में तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. रविवार सुबह कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दावा किया कि तीनों को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे. पार्टी ने उनकी रिहाई को बयान जारी कर ‘बड़ी कानूनी जीत’ बताया.