समाचार · मध्य प्रदेश
पीटी उषा जबलपुर पहुंची, स्थानीय खिलाड़ियों से मिलीं:भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष ने याद किए संघर्ष के दिन, 103 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ. पीटी उषा का मध्य प्रदेश ओलंपिक संघ द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने उनका अभिनंदन करते हुए स्थानीय खिलाड़ियों से उनकी मुलाकात कराई। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले भारत देश में पीटी उषा जैसी अद्वितीय प्रतिभा का होना गर्व का विषय है। हर खिलाड़ी का सपना पहचान पाना होता है, लेकिन उड़नपरी जैसी कीर्ति वर्षों के कठिन परिश्रम, असीम समर्पण और असाधारण उपलब्धियों से ही मिलती है। संसद हो या खेल का मैदान, देश उन्हें भारत का मान बढ़ाने वाली महान विभूति के रूप में देखता है। मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह ने उनके शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि केरल के छोटे से गांव से निकलकर का अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना दृढ़ संकल्प की अनूठी मिसाल है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। वहीं राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने संसदीय अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. उषा की सादगी, विनम्रता और सामाजिक कल्याण के मुद्दों पर उनकी स्पष्टता की जमकर सराहना की। वहीं डॉ. पीटी उषा ने अपने खेल करियर और संघर्षों के दिनों को याद करते हुए हुए बताया कि किस तरह उन्होंने कड़ी मेहनत और अपने अटूट जज्बे के दम पर देश के लिए 103 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने खेलों की दुनिया में कदम रखा था और 16 साल की उम्र में मॉस्को ओलंपिक में भाग लेकर इतिहास रच दिया था। अपने करियर का एकमात्र मलाल साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ओलंपिक मेडल जीतने के बेहद करीब पहुँचकर चूक गई थीं, लेकिन इस कसक को उन्होंने अपनी ताकत बनाया। आज वे केरल में 'उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स' चला रही हैं, जहाँ वे उभरते खिलाड़ियों को पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। डॉ. उषा ने कहा कि अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री जैसे सम्मान उनके लिए बड़े पुरस्कार हैं, लेकिन सबसे बड़ा पुरस्कार आज भी आम जनता और खेलप्रेमियों का मिलने वाला अथाह प्यार और सम्मान है। इस अवसर पर महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि डॉ. पीटी उषा का जीवन संघर्ष, अनुशासन और देशप्रेम की एक ऐसी जलती हुई मशाल है, जो आने वाली पीढ़ियों और विशेषकर महिला खिलाड़ियों का सदा मार्गदर्शन करती रहेगी।