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दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में उकलाना में कैंडल मार्च:विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जताया विरोध, 27 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार शाम हिसार जिले के उकलाना में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की। कैंडल मार्च की शुरुआत अंबेडकर भवन से हुई, जहां बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा और नागरिक एकत्रित हुए। इसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्वक मार्च निकाला गया, जो मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सामाजिक कार्यकर्ता कामरेड मिया सिंह बिठमड़ा ने कहा कि हाल के दिनों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की। बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि यदि छात्रों की मांगों को लेकर 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कैंडल मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।