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250 साल पुरानी चमत्कारिक प्रतिमा की कहानी बड़े पर्दे पर:इंदौर में 22 दिन चलेगी शूटिंग; नवंबर में देश के 70 सिनेमाघरों में रिलीज की तैयारी
कचनेर वाले बाबा यानी चिंतामणी पार्श्वनाथ की करीब 250 साल पुरानी चमत्कारिक प्रतिमा और उससे जुड़ी मान्यताएं अब बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी। ‘द कॉल ऑफ कचनेर’ नाम से बन रही फिल्म की इन दिनों इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में शूटिंग चल रही है। फिल्म की शूटिंग कुल 22 दिनों तक चलेगी और सितंबर के पहले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है। निर्माताओं के अनुसार नवंबर में फिल्म को देश के करीब 70 सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के संभाजीनगर (औरंगाबाद) के पास स्थित कचनेर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र के चिंतामणी पार्श्वनाथ की प्रतिमा से जुड़ी मान्यता पर आधारित है। मान्यता के अनुसार करीब 250 साल पहले यह प्रतिमा जमीन से प्रकट हुई थी। ग्रामीणों ने इसे स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की। एक घटना में प्रतिमा खंडित हो गई, जिसके बाद भगवान के स्वप्न में दिए आदेश के अनुसार प्रतिमा को सात दिनों तक घी-शक्कर के घोल से लेपित कर मिट्टी में गाड़ दिया गया। मान्यता है कि आठवें दिन प्रतिमा दोबारा जुड़ी हुई मिली और उसके जोड़ पर रक्त के निशान दिखाई दिए। फिल्म में इसी चमत्कारिक प्रसंग और उससे जुड़ी घटनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इंदौर में जुटे 60 से ज्यादा क्रू मेंबर फिल्म की शूटिंग के लिए 60 से अधिक क्रू मेंबर इंदौर पहुंचे हैं। फिल्म में वरिष्ठ अभिनेता सुधीर पांडे, टीवी अभिनेत्री शिल्पा मेहता, ‘मिर्जापुर’ सीरीज से जुड़े अभिनेता लक्की खान, मिस यूनिवर्स इंडिया-2018 सलोनी नारंग धाकड़ और इंदोरी गोविंदा के नाम से पहचाने जाने वाले कलाकार श्याम पांडे समेत करीब 12 कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म के निर्माता राहुल सेठी और पीयूष रावका हैं। कलाकारों के मुताबिक फिल्म में धार्मिक कहानी के साथ गीत-संगीत और मनोरंजन को भी शामिल किया गया है, ताकि इसे परिवार के सभी सदस्य देख सकें। कलाकारों ने इंदौर में शूटिंग के अनुभव साझा करते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग की भी सराहना की। इंदौर के आसपास भी हो रही शूटिंग फिल्म की शूटिंग इंदौर तक सीमित नहीं है। कहानी की जरूरत के अनुसार शहर के आसपास और अन्य स्थानों पर भी अलग-अलग दृश्य फिल्माए जा रहे हैं। निर्माताओं का कहना है कि चमत्कारिक प्रसंग को वास्तविक लोकेशन और सिनेमाई प्रस्तुति के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माताओं के अनुसार संत शिरोमणि प.पू. विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव प.पू. श्री सुधासागर महाराज की प्रेरणा से भी फिल्म निर्माण में सहयोग मिला है। सितंबर में शूटिंग पूरी, नवंबर में रिलीज की तैयारी फिल्म की शूटिंग सितंबर के पहले सप्ताह में पूरी होने के बाद पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू होगा। निर्माताओं को उम्मीद है कि नवंबर में ‘द कॉल ऑफ कचनेर’ देशभर के करीब 70 सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा सकेगी।