Thursday, 30 July 2026
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नगर निकाय नियुक्ति घोटाला : इडी कार्यालय पहुंचे मदन मित्रा, बोले- भ्रष्टाचार में शामिल नहीं

INT News29 July 2026 at 11:41 pm

Madan Mitra TMC at ED Office: पश्चिम बंगाल के नगर निकायों में हुईं नियुक्तियों के घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की जांच के दायरे में कमरहट्टी के विधायक व तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे में शामिल हुए मदन मित्रा और उनके परिजन भी हैं.

बुधवार को मित्रा खुद सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित इडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह भ्रष्टाचार के किसी मामले में शामिल नहीं है. इडी की जांच में पूरा सहयोग करेंगे और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है.

सफेद पायजामा-पंजाबी और आंखों पर धूप का चश्मा लगाये मित्रा इस दिन सुबह करीब 11 बजे अपने कोलकाता स्थित आवास से निकले और सीधे इडी कार्यालय पहुंचे थे. गाड़ी से उतरते ही पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया.

सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, मैं जांच में पूरी तरह सहयोग करूगा. इडी ने जो दस्तावेज लाने को कहा था, वे सभी मैं लेकर आया हूं. मेरा किसी भी भ्रष्टाचार से कोई संबंध नहीं है. इडी जिसे उचित समझे, उसे पूछताछ के लिए बुला सकती है. हालांकि, मीडिया के लगातार सवालों से वह कुछ नाराज भी दिखायी दिये.

उन्होंने कहा मुझे जो कुछ कहना है, इडी को बताऊंगा. इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा अगर आप लोग मुझे अंदर नहीं जाने देंगे और देर हो जायेगी, तो मैं कहूंगा कि आपकी वजह से मैं समय पर नहीं पहुंच सका. उसके बाद वह इडी कार्यालय के अंदर चले गये. मित्रा से पहले उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी इडी ने तलब किया था. पिछले सप्ताह बुधवार और गुरुवार को उनके दोनों बेटे इडी कार्यालय पहुंचे थे.

सबसे पहले छोटे बेटे शुभरूप मित्रा से करीब नौ घंटे तक पूछताछ हुई थी. इसके बाद गुरुवार को बड़े बेटे स्वरूप मित्रा से भी लंबी पूछताछ हुई. गत सप्ताह शुक्रवार को मित्रा की पत्नी अर्चना मित्रा से भी छह घंटे तक पूछताछ हुई. इडी को आशंका है की टीटागढ़ नगरपालिका में कथित तौर पर मोटी रकम लेकर 125 लोगों को नौकरी दी गयी थी. इसी मामले की जांच के दौरान एजेंसी के हाथ मित्रा का नाम लगा.

जून महीने में इडी ने मित्रा के भवानीपुर स्थित आवास के अलावा दक्षिणेश्वर समेत कई अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था. उनके कार्यालय और घर समेत विभिन्न स्थानों से कई दस्तावेज भी बरामद किये गये थे. बताया जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नियुक्तियों के बदले किसी प्रकार का अवैध धन लेन-देन हुआ था या नहीं.

इसी कारण एजेंसी विधायक मित्रा और उनके परिवार से बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जानकारी खंगाल रही है. गौरतलब है कि इससे पहले भी मित्रा से इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है. अब एक बार फिर उन्हें तलब कर इडी मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है. खबर लिखे जाने तक मित्रा से पूछताछ जारी थी.