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रांची में राजस्व कर्मचारी की हत्या,खून से लथपथ मिला शव; CCTV का DVR गायब

रांची. नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार तेतरी टोली में अपराधियों ने राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा (38) की हत्या कर दी. शनिवार को उनका शव घर के किचन में खून से लथपथ अवस्था में मिला. उनके मुंह पर तकिया रखा हुआ था. हत्या गोली मारकर की गयी या धारदार हथियार से, यह अभी स्पष्ट नहीं है. घटना की जानकारी मिलते ही नामकुम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
कुछ देर बाद एसडीएम कुमार रजत, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर कुमार पांडेय और अरगोड़ा सीओ सुदीप राज भी तेतरी टोली पहुंचे और घटना की जानकारी ली. मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने कई नमूने और फिंगरप्रिंट जुटाये.
अंचल कर्मचारी का किचन में मिला शव
जानकारी के अनुसार, अरगोड़ा सीओ से लक्ष्मीकांत की शुक्रवार शाम बात हुई थी. शनिवार को अंचल कर्मियों ने उन्हें फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. शाम करीब चार बजे अरगोड़ा अंचल का कर्मचारी विष्णुकांत भोक्ता तेतरी टोली स्थित उनके घर पहुंचा. घर का दरवाजा खुला था. अंदर जाकर देखा, तो किचन में लक्ष्मीकांत का शव पड़ा था. विष्णुकांत ने ही फोन पर अन्य लोगों को घटना की जानकारी दी.
घर से CCTV का DVR और हार्ड डिस्क गायब
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम ने आवश्यक जांच की. जांच के दौरान पता चला कि लक्ष्मीकांत के घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन उनका डीवीआर और हार्ड डिस्क गायब मिले. पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि उपकरण किसने और किन परिस्थितियों में हटाये. आशंका जतायी जा रही है कि अपराधी साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से इन्हें अपने साथ ले गये होंगे.
तीन साल से अरगोड़ा अंचल में कार्यरत थे लक्ष्मीकांत
लक्ष्मीकांत मुंडा पिछले तीन साल से अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे. मूल रूप से बुंडू के दलकीडीह के रहने वाले लक्ष्मीकांत के पिता पंचायत सेवक थे. वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. वर्ष 2006 में उन्होंने जोरार तेतरी टोली स्थित हंसराज वाधवा उच्च विद्यालय के समीप जमीन लेकर घर बनाया था. वह इसी घर में अकेले रहते थे.
उनकी पत्नी और डेढ़-दो साल की बेटी सरायकेला में रहती हैं. उनकी पत्नी डाक विभाग में कार्यरत हैं.
स्थानीय लोगों से कम रखते थे बातचीत
राजस्व कर्मचारी की हत्या की सूचना मिलने पर आसपास के काफी लोग मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों के अनुसार, लक्ष्मीकांत सीधे-सादे व्यक्ति थे और अपने काम से काम रखते थे. वह स्थानीय लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे. इस कारण लोगों को उनके बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी.
आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
अपराधियों की संख्या कितनी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. हत्या के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलने पर सबसे पहले लक्ष्मीकांत की बहन और साली तेतरी टोली पहुंचीं. कुछ देर बाद बुंडू से उनके माता-पिता भी पहुंचे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पिता, मां और बहन बार-बार बेसुध हो रहे थे. मौके पर मौजूद लोग उन्हें संभाल रहे थे.