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ग्वालियर के सिंधिया स्कूल का 129वां स्थापना दिवस समारोह:एआई विशेषज्ञ डॉ. विवेक राघवन पहुंचे, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया गौरव की बात
ग्वालियर ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग पर स्थित प्रसिद्ध सिंधिया स्कूल के 129वें स्थापना दिवस समारोह में परंपरा, प्रतिभा और आधुनिक तकनीक का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और नवाचार से हर किसी का दिल जीत लिया। मुख्य अतिथि Sarvam AI के सह-संस्थापक डॉ. विवेक राघवन ने विज्ञान, कला, कंप्यूटर के इतिहास और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें ग्वालियर दुर्ग के विलुप्त प्राय गिद्धों के संरक्षण का दिया गया संदेश विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समारोह के दौरान वर्ष भर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और सदनों को पुरस्कृत किया गया। "ड्रोन देखने वाले नहीं, बनाने वाले बनें" केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विद्यार्थियों को तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सीख दी। उन्होंने कहा, "तकनीक आपको आलसी बनाती है या बुद्धिमान, यह आपके इस्तेमाल पर निर्भर है। सोशल मीडिया के एल्गोरिदम को अपनी सोच पर हावी न होने दें। युवा केवल ड्रोन देखने वाले न रहें, बल्कि खुद ड्रोन बनाने वाले बनें।" उन्होंने स्कूल की गौरवशाली विरासत का जिक्र करते हुए संस्कारों और आधुनिक तकनीक के समन्वय को ही इसकी असली पहचान बताया। "डिजिटल गुलामी से बचाएगा स्वदेशी AI" डॉ. विवेक राघवन ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विदेशी तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता भारत को एक 'डिजिटल कॉलोनी' बना सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दो साल AI क्रांति के लिए बेहद निर्णायक हैं। भारतीय भाषाओं में तकनीक के उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव संभव हैं।