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बोर्ड की मान्यता निलंबित फिर भी उम्मीदवार अयोग्य नहीं:हाईकोर्ट ने खारिज की केंद्र-सरकार की अपील, डाक-सेवक भर्ती को लेकर कैट के फैसले पर लगाई मुहर

INT News24 October 2026 at 10:43 pm

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा ने ग्रामीण डाक सेवक की नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता से जुड़े मामले में केंद्र सरकार की अपील खारिज कर दी है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के आदेश को सही ठहराया है। साथ ही कहा है कि जिस अभ्यर्थी को 20 दिसंबर 2012 को अंकसूची और प्रमाणपत्र जारी किया गया था, उसे केवल संबंधित बोर्ड की मान्यता निलंबित होने के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। दरअसल, हेमचरण साहू, उत्तरा कुमार समेत अन्य का चयन ग्रामीण डाक सेवक के पद पर हुआ था। चयन के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना और गणित व अंग्रेजी विषयों की जानकारी अनिवार्य थी। संबंधित अभ्यथियों ने छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ स्कूल एंड टेक्निकल एजुकेशन का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, जिसे विभाग ने मान्यता प्राप्त माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नहीं माना था। नियुक्ति पर नहीं किया विचार तो कैट चले गए प्रतियोगी केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के 24 दिसंबर 2021 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में केवल छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर और छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर मान्य हैं। इसके तहत उम्मीदवारों की नियुक्ति पर विचार नहीं किया गया, जिससे परेशान होकर उन्होंने पहले केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में याचिका लगाई, जिसे केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने मंजूर कर लिया था। कैट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में की अपील इस पर केंद्र सरकार और चीफ पोस्ट मास्टर ने कैट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट मेंअपील की थी। इसमें बताया गया कि अभ्यर्थियों ने जिस बोर्ड की अंकसूची और प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है, उसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मान्यता नहीं दी है। वहीं, उस बोर्ड की मान्यता भी निलंबित कर दी गई है। 2012 में जारी प्रमाणपत्र को मिली राहत याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों की तरफ से कहा गया कि उन्हें प्रमाणपत्र और अंकसूची 20 दिसंबर 2012 को जारी की गई थी। इसलिए उसे ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने से वंचित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि कैट ने संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद अभ्यर्थी को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के लिए पात्र माना है। डिवीजन बेंच ने कैट के आदेश में कोई त्रुटि नहीं पाई और केंद्र सरकार की अपील खारिज कर दी है।