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'मांदर की थाप पर झूमा आदिवासी कुड़मी समाज', दिल्ली में भव्य करम परब का आयोजन, जुटे कई राज्यों के लोग

रांची : देश की राजधानी नई दिल्ली के विनोद नगर में रविवार (20 सितंबर 2026) को 'आदिवासी कुड़मी समाज, दिल्ली' द्वारा पारंपरिक एवं सांस्कृतिक करम परब का भव्य आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया. इस वार्षिक आयोजन में दिल्ली-एनसीआर के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम समेत विभिन्न राज्यों से आए कुड़मी समाज के 300 से अधिक परिवारों और सदस्यों ने भाग लिया.
पारंपरिक पूजा और लोकनृत्य से जीवंत हुई सांस्कृतिक विरासत
समारोह के दौरान पूरी निष्ठा और विधि-विधान के साथ करम राजा की पूजा की गई. इसके बाद कुड़मी समाज के युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में सझ-धजकर करम लोकगीतों पर मनमोहक झूमर नृत्य प्रस्तुत किया. कार्यक्रम स्थल दिनभर ढाक और मांदर की थाप तथा पारंपरिक करम गीतों से गुंजायमान रहा, जिसने दिल्ली में छोटानागपुर और पूर्वी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की.
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अपनी जड़ों और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने की पहल
आयोजन समिति ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और देश के विभिन्न महानगरों में रह रहे कुड़मी समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करना है. इसके साथ ही अपनी भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाजों और लोक-परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आने वाली युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है. इस आयोजन ने दूर-दराज में रह रहे प्रवासी झारखंडियों और कुड़मी समाज के लोगों के बीच आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को और मजबूत किया.
आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का जताया आभार
कार्यक्रम के सफल समापन पर 'आदिवासी कुड़मी समाज, दिल्ली' की ओर से आयोजन समिति के सदस्यों, माताओं-बहनों, युवाओं, बुजुर्गों तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी गणमान्य लोगों का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया.
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