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'बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट': शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा

सजीब वाजेद ने जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा- UN ने मृतकों की संख्या 1,400 बताई है, जबकि सरकारी आंकड़ा लगभग 800 का है. उन्होंने पूछा कि अतिरिक्त 600 लोग कौन हैं और UN को यह सूची कहां से मिली? उन्होंने आगे कहा- "अवामी लीग के वकीलों द्वारा UN को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक नामावली प्रदान नहीं की गई है. UN का आकलन केवल 15 अगस्त 2024 तक का है, जबकि हिंसा और मौतें उसके बाद भी जारी रहीं."
उपद्रवियों को 'सुरक्षा कवच' देने का आरोप
पूर्व अंतरिम सरकार पर हमला बोलते हुए वाजेद ने कहा कि यूनुस प्रशासन का पहला काम 'इंडेम्निटी बिल' पारित करना था. इसके तहत प्रदर्शनकारियों को आम नागरिकों, अवामी लीग के नेताओं और पुलिसकर्मियों की हत्या के मामलों में पूर्ण कानूनी सुरक्षा दे दी गई. उन्होंने इसे मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन बताया.
हजारों नेता-कार्यकर्ता बिना ट्रायल के जेल में बंद
अवामी लीग के नेता ने दावा किया कि अगस्त 2024 के बाद से पार्टी के हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे, निष्पक्ष सुनवाई या जमानत के हिरासत में रखा गया है. जेल में बंद कई नेताओं की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है. हिरासत के दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है.
भारत की सुरक्षा पर गंभीर चिंता
भारत के लिए सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हुए वाजेद ने कहा कि सीमा पार बदलता घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. उनके अनुसार, आईएसआई जैसी एजेंसियों की मौजूदगी से भारत के पूर्वी हिस्से में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है.
भारत सरकार ने शहीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस से साधी दूरी
शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह आयोजन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया है. भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है और न ही सरकार इसमें व्यक्त किए गए किसी विचार का समर्थन करती है.
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