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SIR: बीएलओ खुद घर से लेंगे दस्तावेज, अब ऑनलाइन भी होगी सुनवाई

रांची : एसआईआर के सामान्य मामलों में मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया ही नहीं जायेगा. अनमैप्ड अथवा लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मामलों में बीएलओ स्वयं मतदाता के घर जायेंगे. जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे. तकनीकी रूप से कमजोर बीएलओ को जिला स्तर से वॉलेंटियर और अन्य संसाधनों के माध्यम से मदद करने के लिए कहा गया है. बीएलओ के साथ जरूरत के अनुसार सुपरवाइजर भी सहयोग करेंगे. जरूरत पड़ने पर ही असाधारण परिस्थिति में ऑनलाइन सुनवाई होगी. यह निर्देश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के रविकुमार ने दिया.
सभी जिले के अधिकारियों को निर्देश
सीईओ ने रविवार को सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को इसका निर्देश जारी किया है. आयोग का यह फैसला एसआईआर के तहत 63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी होने के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बताते चलें कि झारखंड में जारी एसआईआर में अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी को लेकर कई मतदाताओं को आयोग ने नोटिस भेजा है. ऐसे में नये फैसले से अब संबंधित मतदाताओं को ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) या एईआरओ कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा. इससे खासकर बुजुर्ग, श्रमिक, गरीब, बेघर और ऐसे मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिनके लिए इआरओ कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल है.
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केवल असाधारण परिस्थितियों में सुनवाई की जरूरत
के रविकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया मतदाता की सुविधा को ध्यान में रखकर संचालित की जाये. सीईओ ने कहा है कि सामान्य तौर पर ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत नहीं होगी. केवल असाधारण परिस्थितियों में ईआरओ के निर्णय के अनुसार सुनवाई होगी और इसे ऑनलाइन कराया जायेगा. जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकेगा.
सुनवाई के लिए अनिवार्य रूप से मौजूद रहें अधिकारी
सीईओ ने कहा है कि जिन मतदाताओं को पहले ही सुनवाई के लिए किसी तय स्थल पर पहुंचने की सूचना दी जा चुकी है और वह वहां पहुंचते हैं, तो संबंधित पदाधिकारी वहां अनिवार्य रूप से मौजूद रहें. श्री कुमार ने साफ कहा कि कोई मतदाता सुनवाई के लिए पहुंचे और उसे संबंधित अधिकारी नहीं मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए. नोटिस की सुनवाई के बाद अधिकारियों को ठोस, स्पष्ट और कारणयुक्त स्पीकिंग ऑर्डर पारित करना होगा. हर मामले में यह स्पष्ट किया जाये कि संबंधित व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता पूरी करता है या नहीं. मुख्य रूप से तीन बातों की जांच होगी - व्यक्ति भारत का नागरिक है या नहीं, एक अक्तूबर 2026 को उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हुई है या नहीं और वह संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करता है या नहीं.
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बेघरों और श्रमिकों के लिए लगेंगे विशेष कैंप
जिलों में रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीब, बेघर और अन्य जरूरतमंदों के लिए हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है. जिन स्थानों पर सुनवाई पूरी हो गयी है, वहां कैंप मोड में डिजिटाइजेशन कराया जायेगा. फॉर्म-6 के माध्यम से नये मतदाताओं को जोड़ने तथा फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 के आवेदनों के डिजिटाइजेशन में भी तेजी लाने को कहा गया है. सीइओ ने कहा कि एसआइआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहे और कोई अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो.
दावा-आपत्ति के लिए केवल तीन दिन शेष
झारखंड में एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम से संबंधित आपत्ति दर्ज कराने, नाम विलोपित कराने, प्रविष्टियों में सुधार अथवा स्थानांतरण के लिए अब सिर्फ तीन दिन शेष है. दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है. 19 अक्तूबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि निर्धारित है.
एक मिनट में जानिये हर जरूरी बात
कार्यालय के चक्करों से मुक्ति : सामान्य मामलों में मतदाताओं को इआरओ या एइआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जायेगा।
बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन : अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मामलों में बीएलओ खुद मतदाता के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज लेंगे और उन्हें इसीआइनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे.
असाधारण स्थिति में ही सुनवाई : केवल बहुत ही विशेष या असाधारण परिस्थिति में ही इआरओ के निर्णय पर सुनवाई होगी. वह भी ऑनलाइन माध्यम से करायी जायेगी.
पारिवारिक प्रतिनिधि को अनुमति : यदि ऑनलाइन सुनवाई की आवश्यकता पड़ती है, तो मतदाता अपनी ओर से परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकेगा.
बीएलओ को तकनीकी व मैदानी सहयोग: तकनीक में कमजोर बीएलओ की मदद के लिए जिला स्तर पर वॉलेंटियर्स, अतिरिक्त संसाधन और सुपरवाइजर तैनात होंगे.