Sunday, 19 July 2026
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उर्मिला हत्याकांड- आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन:न्याय की मांग लेकर सड़क पर उतरे डाक विभाग के कर्मचारी; बेटी बोली- पापा को गिरफ्तार करो

INT News18 July 2026 at 11:18 pm

चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड में आठ दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पति अखिलेश सैनी की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों, रहवासियों और डाक विभाग के कर्मचारियों का आक्रोश शनिवार को सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मृतका की बेटी प्रेक्षा भी लोगों के साथ मौजूद रही। उसने भी पिता की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के बैठक में होने के कारण प्रदर्शनकारियों ने एसीपी निधि दंडोतिया को ज्ञापन सौंपा और कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मासूम के सपने में नजर आता है मां की हत्या का खूनी मंजर प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उर्मिला के सात वर्षीय बेटे अव्यक्त की मानसिक स्थिति को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। फिलहाल वह अपने नाना-नानी के पास खंडवा में रह रहा है। परिजनों के अनुसार अव्यक्त अब भी घटना के सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है। वह अक्सर रात में चौंककर उठ जाता है और मां की हत्या का खूनी दृश्य याद कर रोने लगता है। एक्सपर्ट्स पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस तरह की भयावह घटनाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकती हैं। ऐसे में परिवार और मनोवैज्ञानिक सहयोग दोनों की आवश्यकता होगी। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दिया भरोसा एसीपी निधि दंडोतिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से निकलने के बाद परिजन, रहवासी और डाक विभाग के कर्मचारी सांसद शंकर लालवानी के निवास पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई। सांसद ने मौके पर ही पुलिस कमिश्नर से मोबाइल पर चर्चा की और उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस जल्द ही आरोपी तक पहुंच जाएगी। एक परिवार की त्रासदी, दो मासूमों का संघर्ष मां की हत्या और पिता के फरार होने के बाद प्रेक्षा और अव्यक्त की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दोनों बच्चों के सामने उस दर्दनाक घटना की यादों से उबरकर सामान्य जीवन में लौटने की चुनौती खड़ी है। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के साथ अब लोगों की चिंता इन मासूम बच्चों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी बढ़ती जा रही है।