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नेपाल में तबाही : बंगाल के 36 लोग लापता, दर्शन के लिए जा रहे थे मानसरोवर

पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
नेपाल में बुधवार सुबह आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी के बाद मानसरोवर दर्शन के लिए निकले 36 लोगों के एक दल से संपर्क टूटने की खबर ने पश्चिम बंगाल में चिंता बढ़ा दी है. इस दल में पश्चिम बर्धमान के दुर्गापुर से छह और कोलकाता से 30 लोग शामिल हैं. सभी लोग एक यात्रा एजेंसी के माध्यम से 21 अगस्त 2026 को मानसरोवर दर्शन के लिए रवाना हुए थे.
परिजनों के बीच चिंता
पश्चिम बर्धमान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र के बामुनाड़ा तपोवन आवासीय सोसाइटी के 52 टॉवर स्थित 9डी फ्लैट निवासी दंपती अरिंदम गांगुली (56) और उनकी पत्नी मौसमी गांगुली (52) भी शामिल हैं. नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद से दोनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. दंपती के साथ-साथ पूरे 36 सदस्यीय दल की स्थिति को लेकर परिजन चिंतित हैं.
परसों रात नेपाल पहुंचे थे, सुबह आई त्रासदी
परिजनों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, दल के सभी सदस्य परसों रात सीआरसोल-तिब्बत सीमा क्षेत्र से नेपाल पहुंचे थे. इसके बाद बुधवार सुबह नेपाल में प्राकृतिक त्रासदी की खबर सामने आई. घटना के बाद से दल के सदस्यों से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है. लगातार फोन करने के बावजूद किसी से संपर्क नहीं होने के कारण परिवारों की चिंता बढ़ गई है.
बेटी से आखिरी बार हुई थी बात
अरिंदम गांगुली और मौसमी गांगुली के मामले में बताया गया कि अरिंदम ने घटना से पहले परसों रात करीब 11 बजे बेंगलुरु में रहने वाली अपनी बेटी अंकिता गांगुली (22) से फोन पर बातचीत की थी. इसके बाद बुधवार की घटना के बाद से दोनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. बामुनाड़ा स्थित उनके फ्लैट में भी ताला लटका हुआ है. पड़ोसियों ने कई बार फोन के जरिए दंपती से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इससे परिवार के साथ-साथ पड़ोसी भी बेहद चिंतित हैं.
सलामती को लेकर बढ़ी चिंता
इस यात्रा दल में दुर्गापुर के छह और कोलकाता के 30 लोग शामिल होने की जानकारी सामने आई है. सभी लोग एक ही यात्रा एजेंसी के माध्यम से मानसरोवर दर्शन के लिए निकले थे. नेपाल पहुंचने के बाद अचानक प्राकृतिक आपदा आने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. परिजनों का कहना है कि नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण संपर्क टूटने की आशंका है, लेकिन जब तक दल के सभी सदस्यों की स्थिति की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक परिवारों की चिंता बनी रहेगी.
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पुलिस-प्रशासन से तत्काल पहल की मांग
परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस तथा प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. परिजनों की अपील है कि संबंधित एजेंसियों और नेपाल प्रशासन के माध्यम से 36 सदस्यीय दल की लोकेशन और कुशलक्षेम की जानकारी जुटाई जाए. फिलहाल दुर्गापुर, कांकसा और कोलकाता के कई परिवार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की खबर का इंतजार कर रहे हैं. एक ओर मानसरोवर दर्शन की यात्रा पर निकले लोगों के सुरक्षित होने की उम्मीद है, वहीं नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी के बाद संपर्क टूटने से परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है.
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