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Voter List Update: अब पूरे परिवार का वोट होगा एक ही पोलिंग बूथ पर होगा, जानिए क्या करना होगा आपको

रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में अब होम-टू-रोल सत्यापन पर विशेष जोर दिया जायेगा. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने गुरुवार को सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर एसआईआर कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि घर-घर सत्यापन के दौरान एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे और एक ही परिवार के सदस्यों का नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज नहीं हो. रविकुमार ने कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम, आयु और अन्य डिटेल्स का वेरिफिकेशन करें. जिन पात्र नागरिकों का नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनसे फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा पत्र लेकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाये. वहीं, एक ही घर या परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं, तो आवश्यकतानुसार फॉर्म-8 भरवाकर उन्हें नजदीकी एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध किया जाये. प्राप्त सभी प्रपत्रों का साथ-साथ डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
युवाओं को मतदाता बनने के लिए करेंगे प्रेरित
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नये एवं युवा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा. स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को इसीआइनेट के माध्यम से पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जायेगा. शिक्षण संस्थानों के सहयोग से युवाओं को फॉर्म-6 भरने और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जायेगी. उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत तैयार मतदाता सूची और संबंधित अभिलेख भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होंगे. इसलिए नागरिक अपने और परिवार के सदस्यों के नाम, उम्र तथा अन्य विवरणों की जांच कर लें. किसी तरह की त्रुटि मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते सुधार कराया जाये.
वंशावली से जुड़े मामलों की होगी समेकित जांच
एक ही खतियान और उससे जुड़ी वंशावली वाले मतदाताओं के मामलों की समेकित जांच करने का भी निर्देश दिया गया. माता-पिता, बच्चों और पूर्वजों से संबंधित दस्तावेजों को साथ रखकर उम्र एवं पारिवारिक संबंधों से जुड़ी तार्किक विसंगतियों की जांच की जायेगी. इससे गलत वंशावली या गलत विवरण के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रयासों पर भी रोक लगेगी.
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बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए नजदीकी केंद्र पर सुनवाई
ईआरओ स्तर से नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुनवाई यथासंभव उनके निवास के नजदीकी केंद्र पर कराने का निर्देश दिया गया. बुजुर्ग, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं को सुनवाई में प्राथमिकता देने को कहा गया. सुनवाई केंद्र, तिथि और समय की जानकारी संबंधित मतदाता तक समय पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया. नो-मैप और तार्किक विसंगति वाले मामलों में दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच होगी. पहली सुनवाई में दस्तावेज जमा करने के लिये अतिरिक्त समय मांगने वाले मतदाताओं को पर्याप्त अवसर दिया जायेगा और जरूरत पड़ने पर दूसरी सुनवाई की तारीख तय की जायेगी. ऐसे मामलों की अलग सूची बनाकर आवश्यकतानुसार फील्ड वेरिफिकेशन भी कराया जायेगा.
पीवीटीजी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
रविकुमार ने विशेष रूप से दूरस्थ, दुर्गम और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई पात्र आदिवासी या पीवीटीजी समुदाय का भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न हो. जरूरत पड़ने पर अधिकारी और कर्मी क्षेत्र भ्रमण कर ऐसे नागरिकों की पहचान करेंगे और उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करेंगे. उन्होंने बीएलओ को घर-घर भ्रमण के दौरान प्रत्येक मकान का नंबर अंकित करने का निर्देश दिया. जिन मकानों का नंबर नहीं है, उन्हें नोशनल नंबर दिया जाये, ताकि एक घर के मतदाताओं की पहचान स्पष्ट हो सके. मतदाता सूची से संबंधित 1950 टोल फ्री नंबर, बुक ए कॉल, ई-मेल आदि माध्यमों से प्राप्त शिकायतों और सहायता संबंधी मामलों का समय पर निपटारा करने को भी कहा गया. बैठक में सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी समेत राज्य निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे.
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