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बेटी ने किया मां के कतिलों को बेनकाब:बॉयफ्रेंड निकला मास्टरमाइंड, गर्लफ्रेंड के पैसे से खरीदी कार-बुलेट, पोल खुली तो डेढ़ लाख में दी सुपारी
क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 28 सितंबर 2013 को खंडवा की नर्स ट्रेजा पारे की हत्या को सड़क हादसा साबित करने की साजिश रची गई थी। उनकी 8 साल की गोद ली हुई बेटी काजल ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर किशोर और उसके एक साथी ने उसकी मां का गला घोंटकर हत्या की थी और उसे भी मारने की कोशिश की थी। किशोर की गिरफ्तारी के बाद उसने ट्रेजा के कथित प्रेमी पत्रकार हेमंत शर्मा का नाम लिया, जबकि हेमंत ने पूछताछ में अनवर अली का जिक्र किया। इससे पुलिस के सामने सवाल था कि हत्या का असली मास्टरमाइंड कौन था और उसका मकसद क्या था। अब आगे पढ़िए। कड़ियों से कड़ियां जुड़ीं, सामने आया तीसरा चेहरा किशोर और हेमंत की गिरफ्तारी के बावजूद मामला पूरी तरह नहीं सुलझा था। काजल ने पुलिस को बताया कि वारदात के समय कार में किशोर के साथ हेमंत नहीं, बल्कि कोई दूसरा व्यक्ति था। पूछताछ में किशोर ने अपने साथी नवनीत का नाम बताया। गिरफ्तारी के बाद काजल ने उसकी पहचान कर ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले। इससे पता चला कि वारदात वाले दिन और उसके आसपास हेमंत व किशोर के बीच लगातार बातचीत हुई थी। जांच में स्पष्ट हो गया कि पूरी साजिश का मुख्य किरदार पत्रकार हेमंत शर्मा था। अंधी मोहब्बत, लालच और ब्लैकमेलिंग का खेल पुलिस जांच में हेमंत शर्मा और नर्स ट्रेजा पारे के रिश्ते से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। ड्राइवर किशोर, जो दोनों के संबंधों का प्रत्यक्ष गवाह था, ने बताया कि उनका कई वर्षों से प्रेम संबंध था। उसके अनुसार, ट्रेजा ने हेमंत को लाखों रुपये दिए थे और उसके लिए एक कार तथा बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी। जांच के मुताबिक, हेमंत इस रिश्ते का इस्तेमाल अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए करता था और जरूरत पड़ने पर ट्रेजा से पैसे लेता था। इन संबंधों की जानकारी ट्रेजा के भाई-बहनों और पड़ोसी अनवर को भी थी। जब टूटा भरोसा, तो शुरू हुआ विवाद पुलिस जांच के अनुसार, हेमंत शर्मा पहले से शादीशुदा था और उसके बच्चे भी थे, लेकिन उसने यह बात ट्रेजा से छिपाई थी। बाद में ट्रेजा को पता चला कि हेमंत के अन्य महिलाओं से भी संबंध थे। इसके बाद उसने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और हेमंत से अपनी बुलेट मोटरसाइकिल वापस ले ली। एक शिकायती पत्र जो बन गया मौत का वारंट विवाद बढ़ने पर ट्रेजा ने हेमंत शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी का शिकायती आवेदन तैयार कर खालवा थाने में जमा कराने के लिए ड्राइवर किशोर को दिया। पुलिस जांच के अनुसार, किशोर ने आवेदन थाने में देने के बजाय पढ़कर हेमंत तक पहुंचा दिया। शिकायत की जानकारी मिलने के बाद हेमंत ने कथित तौर पर ट्रेजा की हत्या की साजिश रची। जांच में सामने आया कि उसने किशोर को डेढ़ लाख रुपये का लालच देकर हत्या के लिए तैयार किया। साजिश का अंजाम और आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को किशोर ने कार किराए पर ली और नवनीत के साथ ट्रेजा के घर पहुंचा। उसने ट्रेजा और काजल को इलाज के बहाने एक बाबा के पास ले जाने की बात कहकर सुनसान जंगल में ले गया, जहां वारदात को अंजाम दिया गया। अदालत का फैसला: तीनों दोषियों को उम्रकैद सुनवाई के दौरान हेमंत शर्मा ने खुद को बचाने के लिए पड़ोसी अनवर खान पर आरोप लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। ट्रेजा के भाई-बहनों ने अदालत में पैसों के विवाद की पुष्टि की। इस मामले में सबसे अहम गवाही ट्रेजा की 8 वर्षीय गोद ली हुई बेटी काजल की रही, जिसने पूरी घटना अदालत के सामने बताई। काजल की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर खंडवा जिला न्यायालय ने 24 जून 2016 को हेमंत शर्मा, किशोर और नवनीत को ट्रेजा पारे की हत्या तथा काजल की हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए तीनों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… बॉयफ्रेंड पर साजिश का शक; बच्ची बोली…अंकल, बचा लो, उन्होंने मेरी मां को मार दिया
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी खंडवा के उस सनसनीखेज हत्याकांड की, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। एक नर्स की हत्या को सड़क हादसा साबित करने की साजिश रची गई। शुरुआती जांच में पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। पढ़ें पूरी खबर…