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गुरु पूर्णिमा पर लोहांगी पहाड़ी पर दंगल, वायु परीक्षण:पहलवानों ने दिखाए दांव-पेंच, अच्छे मानसून के मिले संकेत
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विदिशा की ऐतिहासिक लोहांगी पहाड़ी पर आस्था, परंपरा और खेल संस्कृति का संगम देखने को मिला। यहां हर वर्ष की तरह इस बार भी विशाल मेले का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। मेले का मुख्य आकर्षण पारंपरिक कुश्ती दंगल और प्राचीन ज्योतिषीय पद्धति से किया गया वायु परीक्षण रहा। दंगल में विदिशा सहित रायसेन, सागर, अशोकनगर और आसपास के जिलों के पहलवानों ने अपनी ताकत और दांव-पेंच का प्रदर्शन किया। मुकाबले शुरू होने से पहले, छाल दिवाली अखाड़े के पहलवानों ने अपने गुरु और परमगुरु भगवान हनुमान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। अखाड़े में पहलवानों की जोर आजमाइश के दौरान दर्शकों ने तालियों और जयघोष के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। वहीं, गुरु पूर्णिमा पर सूर्यास्त के समय लोहांगी पहाड़ी पर पंडित गिरधर शास्त्री ने ज्योतिषाचार्य वराहमिहिर की बृहत्संहिता में वर्णित विधि के अनुसार वायु परीक्षण किया। इस परीक्षण में हवा का प्रवाह पूर्व दिशा की ओर पाया गया, जिसे आगामी मौसम के लिए शुभ संकेत माना जाता है। पंडित गिरधर शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष खंड वर्षा के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। उनके अनुसार, कुछ क्षेत्रों में वर्षा कम हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मानसून अनुकूल रहने के संकेत हैं। उन्होंने कृषि उत्पादन अच्छा रहने और किसानों को बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद जताई। शास्त्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बने रहने के संकेत हैं। फसलों के संबंध में उन्होंने बताया कि धान की फसल सामान्य रह सकती है, जबकि आगामी रबी सीजन में गेहूं और चने की पैदावार बेहतर होने की संभावना है। यह वायु परीक्षण विदिशा की वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे देखने हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।