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उत्तराखंड में SIR के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी; 8 लाख से ज्यादा मतदाता हुए कम

उत्तराखंड में SIR के बाद शनिवार को अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी गई। इस वोटर लिस्ट में करीब 71.58 लाख मतदाता रजिस्टर्ड किए गए हैं। 8 जून को SIR शुरू होने के समय 79.60 लाख वोटर थे। इस तरह लगभग 8 लाख वोटर घट गए हैं। लिस्ट में 37.37 लाख पुरुष, 34.21 लाख महिलाएं और 212 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। दावे और आपत्तियों के दौरान 1.29 लाख नए नाम जोड़े गए। वहीं कांग्रेस ने दावा किया है कि वोटर की संख्या में करीब 14 लाख की कमी आई है।कांग्रेस का दावा- 14 लाख की कमीकांग्रेस नेता मनोज रावत ने कहा कि वोटर की संख्या में करीब 14 लाख की कमी आई है। कांग्रेस का मानना है कि एसआईआर से पहले उत्तराखंड में 85.19 लाख वोटर थे जो घटकर 71.58 लाख रह गए हैं।SIR की शुरुआत में थे 79.60 लाख वोटरउत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, SIR शुरू होने के दिन 8 जून को प्रदेश की मतदाता सूची में करीब 79.60 लाख मतदाता थे जबकि गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संकलन के बाद 14 जुलाई को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में करीब 71.33 लाख मतदाता रह गए थे।8.01 लाख वोटर्स कमचुनाव आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया था। इसके बाद 13 अगस्त से 28 सितंबर तक उनका निस्तारण किया गया। 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इसमें करीब 71.58 लाख मतदाता हैं। इसमें वोटर्स की संख्या एसआईआर शुरू होने के दिन 8 जून को मौजूद मतदाताओं की संख्या से करीब 8.01 लाख कम है।कितने पुरुष और कितनी महिलाएंवोटर लिस्ट की अंतिम मतदाता सूची में 34,21,036 महिलाएं, 37,37,701 पुरुष और 212 तृतीय लिंग मतदाता हैं। इनमें 18 से 19 साल तक की उम्र वर्ग के 72,656 और 80 साल से अधिक उम्र के 1,22,892 वोटर लिस्ट शामिल हैं। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 1,29,872 पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए जबकि 1,04,708 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।प्रपत्र-6 भरकर दे सकते हैं आवेदनचुनाव आयोग के निर्देश पर उत्तराखंड में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर 8 जून से एसआईआर की शुरुआत हुई थी। अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद भी किसी कारणवश इसमें शामिल नहीं हो सके व्यक्ति प्रपत्र-6 भरकर ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन या अपने बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।लगाए जाएंगे स्पेशल कैंपइसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को भी घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। बीएलओ मौजूदा मतदाता सूची का एसआईआर से पहले की मतदाता सूची से मिलान करेंगे और उन मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम पहले की सूची में थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं।बीएलओ करेंगे मददबीएलओ ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और पात्र पाए जाने पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रपत्र-6 भरने में मदद करेंगे। वे पहली बार मतदान करने वाले और अन्य छूटे हुए युवा मतदाताओं का नाम जुड़वाने में भी मदद करेंगे। ऐसे मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों और उनके प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी।