Tuesday, 22 September 2026
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शिमला से करोड़ों के गहने चोरी में उत्तराखंड के दारोगा-सिपाही दबोचे गए, कैसे खुला राज

INT News22 September 2026 at 07:48 am

शिमला में सात सितंबर को करोड़ों के गहने चोरी का माल हड़पने के आरोप में आबकारी विभाग के दरोगा और कांस्टेबल दबोचे गए हैं। दरअसल, शिमला, कालीबाड़ी निवासी रेनू ने सोने-हीरे के गहने, चांदी के सिक्के, नगदी और एक दर्जन घड़ी चोरी होने की शिकायत थाना सदर में दी थी। आरोप था कि नेपाल मूल की नौकरानी करिश्मा और उसके तीन साथियों ने खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी बॉर्डर पार कर रहे थे, तभी चेकिंग टीम ने बरामद सामान से जेवरात और अन्य सामान को आरोपियों से आपस में बांट लिया। बाद में नौकरानी करिश्मा ने ही आबकारी अधिकारियों की पोल खोल दी।सीसीटीवी फुटेज ने पर्दाफाश कियाआरोप है कि चेकिंग टीम ने बरामद सामान से जेवरात और अन्य सामान हड़प लिया और आरोपियों को छोड़ दिया। इसके बाद हिमाचल पुलिस जांच करते हुए रुद्रपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीसीटीवी फुटेज देखे। बॉर्डर के कैमरों की फुटेज से आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार निवासी रामनगर, कांस्टेबल बलजीत सिंह निवासी किच्छा, उपनल कर्मी पप्पू लाल निवासी गदरपुर और पीआरडी जवान नईम निवासी केलाखेड़ा की पहचान की। जांच उप आयुक्त आबकारी विवेक सोनकिया को सौंपी गई है।क्या बोले जिम्मेदारजिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र बिष्ट ने बताया कि डीएम नितिन भदौरिया ने आरोपी दरोगा और कांस्टेबल के निलंबन की संस्तुति करते हुए आबकारी आयुक्त को पत्र भेजा था। इसके बाद आयुक्त ने उनको निलंबित कर दिया। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि हिमाचल पुलिस आबकारी विभाग के दरोगा, कांस्टेबल, उपनल कर्मी और पीआरडी जवान को गिरफ्तार कर हिमाचल ले गई थी।आरोपी युवती ने ही पोल खोलीपूरा मामला ही तब खुला जब खुद आरोपी युवती ने इस मामले को लेकर शिमला फोन कर अपनी मालकिन को जानकारी दी। युवती ने नेपाल जाने के बाद बताया कि चोरी किए गए माल को रुद्रपुर में पुलिस वालों ने कब्जे में ले लिया। वहीं जब हिमाचल पुलिस ने रुद्रपुर आकर जांच की तो सीसीटीवी फुटेज ने पूरा मामला खोल दिया। सीसीटीवी फुटेज में आबकारी कर्मी समेत दो अन्य कर्मी चेकिंग करते हुए दिख गए। हिमाचल पुलिस बीते तीन दिन से रुद्रपुर में डेरा डाली हुई थी और जांच कर रही थी। रविवार दोपहर में सभी आरोपियों से लंबी पूछताछ हुई। इसके बाद पुलिस ने माल बरामद किया और आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। सात सितंबर को रेनू बालाजी निवासी कालीबाड़ी शिमला ने लाखों की चोरी के आरोप में थाना सदर शिमला में मुकदमा दर्ज कराया था। आठ सितंबर की सुबह बॉर्डर पर आबकारी विभाग के कर्मियों ने चेकिंग में चोरी का माल पकड़ लिया। आरोप है कि आबकारी कर्मियों ने बरामद चोरी के सामान से लाखों के जेवरात और अन्य सामान हड़प लिया और आरोपियों को छोड़ दिया।आबकारी अधिकारियों और आरोपियों ने आपस में बांटा चोरी का मालसूत्रों के मुताबिक, चेकिंग में बरामद किया गया लाखों का माल आबकारी कर्मियों और अन्य आरोपियों ने बांट लिया था। चोरी के आरोपियों को बरामद माल को पुलिस को सौंपने की बात कही। नेपाल जाने के बाद चोरी की आरोपी युवती ने ही अपनी मालकिन को फोन कर चोरी किए गए माल को रुद्रपुर में पुलिस कर्मियों के कब्जे में लेने की बात फोन कर बताई। इसके बाद हिमाचल पुलिस जांच को रुद्रपुर पहुंचीं। जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि चेकिंग पुलिस कमियों ने नहीं की थी। इसमें आबकारी कर्मी शामिल थे। इसके बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया। हिमाचल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की। पूछताछ के बाद उनके कब्जे से लाखों का माल बरामद हुआ। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में कुछ और कर्मियों की संलिप्तता का अंदेशा है। इसकी जांच की जा रही है।पुलिस पर था शक, आरोपी निकले आबकारी कर्मीहिमाचल पुलिस मामले की जांच करते हुए रुद्रपुर पहुंची। यहां स्थानीय पुलिस के अधिकारियों से संपर्क किया। सीसीटीवी फुटेज निकाले तो आबकारी कर्मियों और उपनल और पीआरडी जवान चेकिंग करते दिखे। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनसे जब पूछताछ की तो उन्होंने चोरी के माल को कब्जे में लेने की बात कबूली।इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तारएसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपी बलजीत सिंह पुत्र सेवक सिंह निवासी ग्राम लालपुर, किच्छा, नईम पुत्र खलील अहमद निवासी वार्ड-4, मंसूरनगर, केलाखेड़ा, पप्पू लाल पुत्र जैतराम निवासी लखनऊ कॉलोनी, गदरपुर और देवेंद्र कुमार पुत्र पनीराम निवासी मालधनचौड़ संख्या-02, थाना रामनगर, जनपद नैनीताल को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से थाना सदर शिमला में दर्ज मुकदमे से संबंधित बहुमूल्य चोरी की संपत्ति बरामद की गई है। मामले की प्रारंभिक जांच उप आयुक्त आबकारी हल्द्वानी, विवेक सोनकिया को सौंपी गई है।