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फीफा वर्ल्ड कप: पक्षपात के आरोपों से बढ़ा खतरा, रेफरी और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित FIFA

फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद रेफरिंग को लेकर छिड़ा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. फीफा के रेफरी प्रमुख पियरलुइगी कोलिना ने मैच अधिकारियों पर लगे पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे निराधार दावे रेफरी और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं.
कोलिना ने कहा कि विश्व कप में रेफरी पूरी स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ फैसले लेते हैं तथा उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना उचित नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगाए जाने वाले बेबुनियाद आरोप मैच अधिकारियों के खिलाफ धमकियों को बढ़ावा दे सकते हैं. उन्होंने कहा, “आलोचना खेल का हिस्सा है, लेकिन किसी रेफरी की निष्ठा और निष्पक्षता पर सवाल उठाना स्वीकार्य नहीं है। ऐसे आरोप रेफरी और उनके परिवारों के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर सकते हैं।”
मुस्तफा जिको का गोल बना विवाद की वजह
अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मिस्र को 3-2 से हराया था. हालांकि मैच का सबसे विवादित क्षण मिस्र के खिलाड़ी मुस्तफा जिको का वह गोल रहा, जिसे VAR की सलाह पर रद्द कर दिया गया.
कोलिना ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि गोल बनने से पहले मिस्र के मिडफील्डर मारवान एटिया ने अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज पर फाउल किया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मैदान पर मौजूद रेफरी कोई फाउल नहीं देख पाता है, तो VAR का हस्तक्षेप पूरी तरह नियमों के अनुरूप है.
मिस्र ने रेफरिंग पर उठाए सवाल
अर्जेंटीना से हार के बाद मिस्र फुटबॉल संघ (EFA) ने रेफरिंग को "पक्षपातपूर्ण और खराब" करार दिया है. संघ ने कहा कि वह इस मामले पर चुप नहीं बैठेगा और राष्ट्रीय टीम के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा. मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन और कई खिलाड़ियों ने भी मैच के बाद रेफरी के फैसलों पर नाराजगी जताई थी. मैच में 79वें मिनट तक 2-0 से पिछड़ रही अर्जेंटीना ने अंतिम 13 मिनट में तीन गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया था.
इतिहास में पहले भी हो चुकी हैं दुखद घटनाएं
कोलिना की चिंता के पीछे फुटबॉल इतिहास की कुछ दर्दनाक घटनाएं भी हैं. 1994 विश्व कप में अमेरिका के खिलाफ आत्मघाती गोल करने वाले कोलंबियाई फुटबॉलर आंद्रेस एस्कोबार की टूर्नामेंट के बाद हत्या कर दी गई थी. फुटबॉल जगत में यह घटना आज भी खेल से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ी चेतावनियों में गिनी जाती है. इसी वजह से फीफा रेफरी और खिलाड़ियों के खिलाफ बढ़ती नफरत तथा धमकियों को लेकर गंभीर नजर आ रहा है और चाहता है कि फैसलों पर बहस हो, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों और हमलों से बचा जाए.
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