Friday, 31 July 2026
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अपहरण मामले में आरोपी दौलत केवट की जमानत याचिका खारिज:पुरानी रंजिश के चलते अपहरण में सहयोग का आरोप,कोर्ट ने माना अपराध दोहराने का खतरा

INT News30 July 2026 at 10:57 pm

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने अपहरण के मामले में आरोपी दौलत केवट (46 वर्ष) की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी दौलत केवट मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम भाद का रहने वाला है। यह मामला मरवाही थाना क्षेत्र के अपराध क्रमांक 110/2026 से जुड़ा है। 20 जून 2026 को दुर्गा यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति गिरीश यादव का घर से अपहरण कर लिया गया है। शिकायत में बताया गया कि दो अज्ञात लोग खुद को पुलिसकर्मी बताकर पिस्तौल दिखाते हुए गिरीश यादव को जबरदस्ती नीले रंग की कार में बैठाकर ले गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी दौलत केवट को गिरफ्तार किया और उसके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, दौलत केवट की अपहृत गिरीश यादव से पुरानी रंजिश थी। गिरीश ने पहले गांजा से जुड़े एक मामले में सूचना देकर दौलत को पकड़वाया था। इसी रंजिश के चलते दौलत केवट ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर गिरीश यादव के अपहरण में सहयोग किया। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आवेदक सरल स्वभाव का व्यक्ति है और उसे रंजिश के कारण झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि दौलत केवट ने अपहरण में कोई मदद नहीं की है। राज्य के लोक अभियोजक और मरवाही थाने ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ भालूमाड़ा और पेंड्रा थानों में आबकारी एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, जुआ एक्ट और एसटी/एससी एक्ट सहित कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। अदालत ने मामले की केस डायरी और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की। कोर्ट ने पाया कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता रही है और जमानत मिलने पर वह गवाहों व सबूतों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही उसके दोबारा अपराध करने की आशंका भी जताई गई। इन कारणों को देखते हुए अदालत ने आरोपी दौलत केवट की भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 483 के तहत दाखिल जमानत याचिका खारिज कर दी।