समाचार · छत्तीसगढ़
कोरबा में पटवारी निलंबित:किसानों के काम अधूरे छोड़ने और ड्यूटी से गायब रहने पर कार्रवाई, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
कोरबा में सरकारी काम में लापरवाही और लगातार अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पटवारी मिथलेश वर्मा को निलंबित कर दिया है। मिथलेश वर्मा दर्री तहसील के भैरोताल (प.ह.नं. 40) में पदस्थ थे। उनके खिलाफ किसानों से जुड़े काम अधूरे छोड़ने, रिकॉर्ड अपडेट नहीं करने और बिना सूचना लगातार ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत थी। उनकी अनुपस्थिति के कारण चक्रवात अर्नब से फसल को हुए नुकसान का आकलन और धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान जैसे जरूरी काम प्रभावित हुए। कलेक्टर ने पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय तहसील अजगरबहार रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। ये काम नहीं किए पटवारी मिथलेश वर्मा को 1 अक्टूबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें बताया गया था कि वे रोजाना की डायरी नहीं बना रहे थे। किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन और बकेट क्लेम की जानकारी डिजिटल कॉप मोबाइल ऐप में दर्ज करने का काम भी शुरू नहीं किया था। इसके अलावा नक्शा बंटाकन और जमीन के रिकॉर्ड में सुधार का काम लंबे समय से अधूरा था। खरीफ वर्ष 2025-26 की मैनुअल गिरदावरी से जुड़ा काम भी पूरा नहीं किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिला पटवारी ने 5 अक्टूबर को नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन प्रशासन ने इसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद वे 13 अक्टूबर से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने लगे। उनकी गैरमौजूदगी से किसानों के जरूरी काम प्रभावित हुए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने उन्हें निलंबित कर दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी।