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'अगर रोहित-विराट रन बना रहे हैं तो उम्र क्यों देखें', हरभजन ने गिनाए दोनों खिलाड़ियों के फायदे

INT News13 August 2026 at 10:55 pm

Harbhajan Singh on Rohit-Virat: भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी है. उन्होंने साफ कहा कि किसी खिलाड़ी की उम्र नहीं, बल्कि उसका प्रदर्शन टीम में जगह का सबसे बड़ा आधार होना चाहिए. अगर रोहित और विराट लगातार रन बना रहे हैं और फिट हैं, तो उन्हें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप से बाहर करने की कोई वजह नहीं है.

मेसी का उदाहरण देकर समझाई बात

हरभजन ने रोहित और विराट के समर्थन में लियोनेल मेसी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि अगर मेसी उम्र बढ़ने के बावजूद दुनिया के बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखा सकते हैं, तो विराट और रोहित के लिए उम्र को मुद्दा क्यों बनाया जाए. उनके मुताबिक, अगर किसी खिलाड़ी में फिटनेस और कौशल है तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है.

39 साल के विराट भी छोड़ सकते हैं युवा खिलाड़ियों को पीछे

हरभजन ने कहा कि अगर विराट 39 साल की उम्र में भी मैदान पर 20 साल के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनकी उम्र मायने नहीं रखती. उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी में इतनी फिटनेस और क्षमता है कि कई विरोधी खिलाड़ी मिलकर भी उसे रोक न पाएं, तो फिर कौशल और प्रदर्शन ही सबसे ऊपर होना चाहिए.

रोहित-विराट पर वैभव से ज्यादा उम्मीद

हरभजन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वैभव जैसे युवा खिलाड़ी में प्रतिभा जरूर है और वह गेंदबाजों पर हावी हो सकते हैं, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में रोहित और विराट से उम्मीदें कहीं ज्यादा होंगी. इसकी वजह दोनों का लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव है.

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कोहली ने बदली टीम इंडिया की सोच

हरभजन ने विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट में जीत की मानसिकता लाने का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि कप्तान बनने के बाद कोहली ने टीम को यह भरोसा दिया कि कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. पहले आखिरी दिन 400 रन के लक्ष्य को हासिल करने के बारे में सोचना मुश्किल लगता था, लेकिन विराट ने खिलाड़ियों को कम से कम कोशिश करने की मानसिकता दी.

फिटनेस क्रांति का श्रेय भी कोहली को

हरभजन के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट में फिटनेस संस्कृति को मजबूत करने में कोहली का सबसे बड़ा योगदान रहा. उन्होंने कहा कि कोहली ने टीम के खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया कि अगर वे फिट हैं तो मैदान पर कुछ भी हासिल कर सकते हैं.

गंभीर को दी रोहित-विराट पर भरोसा करने की सलाह

हरभजन ने मुख्य कोच गौतम गंभीर को सलाह देते हुए कहा कि अगर वह कोच होते तो रोहित और विराट को उनके अनुभव के आधार पर पूरा मंच देते. उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों के पास करीब 300 मैचों का अनुभव है, जो वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के पास नहीं है.

'रन बना रहे हैं तो बाकी कुछ मायने नहीं रखता'

हरभजन ने साफ कहा कि फिटनेस और प्रदर्शन सबसे जरूरी हैं. अगर रोहित और विराट लगातार रन बना रहे हैं और उनकी फिटनेस श्रेयस अय्यर या यशस्वी जायसवाल जैसी है, तो फिर उनकी उम्र को लेकर सवाल नहीं उठना चाहिए.

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हर खिलाड़ी को पता होता है कब लेना है संन्यास

अपने संन्यास का उदाहरण देते हुए हरभजन ने कहा कि खिलाड़ी को खुद पता चल जाता है कि उसका शरीर कब जवाब देने लगा है. उनके मुताबिक, 35 साल की उम्र के बाद खिलाड़ी से वही प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं की जा सकती जो वह 18 या 20 साल की उम्र में करता था.

अश्विन के आने पर खुद लिया था बड़ा फैसला

हरभजन ने यह भी बताया कि रविचंद्रन अश्विन के लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के कारण उनके लिए टीम में बने रहना चुनौतीपूर्ण हो गया था. उन्होंने माना कि अगर उन्हें अश्विन को पीछे छोड़ना होता तो उन्हें अपने करियर की शुरुआत जैसी मेहनत करनी पड़ती, और उनकी अंतरात्मा ने उन्हें संकेत दिया कि वह ऐसा नहीं कर सकते.

विश्व कप टीम पर अभी से चिंता नहीं

2027 वनडे विश्व कप को लेकर हरभजन ने कहा कि अभी करीब एक साल का समय बाकी है, इसलिए टीम संयोजन को लेकर जल्दबाजी की जरूरत नहीं है. हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि विश्व कप से करीब छह महीने पहले टीम प्रबंधन को मुख्य टीम और खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर स्पष्ट हो जाना चाहिए, ताकि हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह समझ सके.

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