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उद्धव गुट ने ओम बिरला पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- हमारे 6 सांसद छीन लिए गए

लोकसभा अध्यक्ष के इस फैसले पर शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा- "साल 2022 में जब हमारी पार्टी को तोड़ा जा रहा था, तब हमने अपनी कानूनी और सियासी लड़ाई शुरू की थी. आज 2026 आ चुका है, लेकिन इन चार वर्षों में हमें कभी यह समझ नहीं आया कि हमारी गलती क्या थी? हमसे हमारी ही पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीन लिया गया."
स्पीकर ओम बिरला की भूमिका भी किसी से छिपी नहीं है : यूबीटी प्रवक्ता
यूबीटी प्रवक्ता ने लोकसभा अध्यक्ष के रुख पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, "अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की भूमिका भी किसी से छिपी नहीं है. जब हम न्याय के लिए कोर्ट जाते हैं, तो वहां लंबा समय लगता है. लेकिन जब मामला चुनाव आयोग (EC), लोकसभा स्पीकर या गवर्नर के पास जाता है, तो वे हमारे खिलाफ तुरंत आदेश जारी कर देते हैं."
2026 में एक बार फिर हमारी पार्टी को तोड़ा गया : आनंद दुबे
आनंद दुबे ने तत्कालीन राज्यपाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने हमारे खिलाफ बड़ी और एकतरफा भूमिका निभाई थी. अब 2026 में एक बार फिर हमारी पार्टी को तोड़ा गया है और हमारे 6 सांसद छीन लिए गए हैं.
'लोकतंत्र कमजोर हुआ तो कैसे बनेंगे विश्वगुरु?'
आनंद दुबे ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इन फैसलों से साफ पता चलता है कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है. उन्होंने सवाल उठाया, "अगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा ही कमजोर हो जाएगा, तो हम 'विकसित भारत' या 'विश्वगुरु' बनने का सपना कैसे पूरा करेंगे?"
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