समाचार · गुजरात
गिरनार यात्रा पर आने-जाने वालों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

हाल ही में शेर ने एक बच्चे पर हमला किया था, क्यूआर कोड स्कैन कर यात्री कर सकेंगे मौके पर ही रजिस्ट्रेशन, जूनागढ़ जिला प्रशासन का बड़ा फैसला जूनागढ़. राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जूनागढ़ ज़िला प्रशासन ने गिरनार के यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पायलट आधार पर इन-आउट रजिस्ट्रेशन प्रणाली शुरू करने का फ़ैसला किया है। शहर के गिरनार वन्यजीव अभयारण्य में हाल ही हाल ही में शेर ने एक बच्चे पर हमला किया था, उसमें बच्चे की मौत हो गई। इस घटना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यात्रियों की सुरक्षा, समय पर जानकारी और आपदा के समय तुरंत जवाब देने के लिए यह प्रणाली लागू की गई है। जूनागढ़ प्रशासन के अनुसार, गिरनार की नई सीढ़ियों, पुरानी सीढ़ियों या रोप-वे से गिरनार पर्वत पर जाने से पहले क्यूआर कोड स्कैन कर और ऑनलाइन रजिस्टर करके यात्री इन-प्रवेश ले सकेंगे। गिरनार दर्शन पूरा करके लौटने के बाद आउट इंट्री करना जरूरी होगा। ऑनलाइन, स्थल रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह रजिस्ट्रेशन स्थल पर भी किया जा सकता है। जूनागढ़ प्रशासन गिरनार आने वाले हर यात्री की सुरक्षा के साथ-साथ गिरनार के कीमती वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। गिरनार इन-आउट वेबसाइट को जिला कलक्टर योगेश चौधरी के निर्देशन में बनाया गया है ताकि गिरनार के यात्रियों की सुरक्षा और आसानी से आने-जाने को सुनिश्चित किया जा सके। इस वेबसाइट को जिला एनआइसी टीम के भुवनेश्वर बुडगया, हितेश टांक और शायर राठौड़ ने बनाया है। जूनागढ़ ज़िला प्रशासन ने यात्रियों और भक्तों की सुरक्षा को सबसे ज़रूरी रखते हुए इस प्रणाली में सहयोग करने की अपील की है। पहले ही दिन नई व्यवस्था कुछ देर रही फ्लॉप जानकारी के अनुसार, गिरनार के प्रवेश स्थल पर शनिवार सुबह क्यूआर कोड नहीं लगाने से पहले ही दिन नई व्यवस्था कुछ देर फ्लॉप रही। हालांकि दोपहर करीब 12 बजे गिरनार जाने के लिए रजिस्ट्रेशन भवनाथ से शुरू किया गया। गिरनार की नई सीढि़यों, पुरानी सीढ़ियों पर, रोप-वे पर और लंबे हनुमान के पास जूनागढ़ पुलिस ने यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया।