समाचार · मध्य प्रदेश
दिल्ली के जैसे भोपाल में भी धरना-प्रदर्शन पर रोक:3 प्रमुख चौराहे और पास के क्षेत्र प्रतिबंधित, 2 महीने लागू रहेगा आदेश
भोपाल में अब पॉलिटेक्निक, आकाशवाणी और किलोल पार्क चौराहे सहित इनके बीच के क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन, आंदोलन, हड़ताल और पुतला दहन नहीं कर सकेंगे। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने 19 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश दो महीने तक प्रभावी रहेगा। पुलिस के मुताबिक, इन स्थानों पर विभिन्न समुदायों, संगठनों, राजनीतिक दलों और प्रतिनिधिमंडलों की ओर से मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी होती है। पॉलिटेक्निक चौराहा: प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट आदेश में पॉलिटेक्निक चौराहे को शहर का महत्वपूर्ण ट्रैफिक पॉइंट बताया गया है। यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जाने के लिए प्रमुख मार्ग गुजरता है। पुलिस के मुताबिक, इस मार्ग का कोई सुविधाजनक वैकल्पिक रास्ता नहीं है। प्रदर्शन के कारण रास्ता बाधित होने से एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और दूसरी आपातकालीन सेवाओं में देरी हो सकती है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इससे मरीजों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। विशिष्ट और अतिविशिष्ट व्यक्तियों के आवागमन के लिहाज से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। तीन चौराहों के बीच का क्षेत्र प्रतिबंधित पुलिस कमिश्नर के आदेश के मुताबिक, पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहे सहित इनके बीच के क्षेत्रों में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, हड़ताल और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (1) के तहत जारी किया गया है। इसमें धारा 163 (2) के तहत एकपक्षीय आदेश पारित करने का भी उल्लेख है। आदेश जारी होने की तारीख से आगामी दो महीने तक प्रभावी रहेगा। --------------
यह खबर भी जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन बैन:सरकार ने 33 साल पहले इजाजत दी थी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। सरकार ने 33 साल पहले जंतर-मंतर को प्रदर्शन की जगह तय किया था। यहीं पर अन्ना आंदोलन, पहलवानों का प्रदर्शन, कॉकरोच पार्टी का धरना हुआ था। पढ़ें पूरी खबर