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झारखंड फिल्म फेस्टिवल में सिनेमा का रंग, 12 फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ युवाओं को मिली मास्टर क्लास

जमशेदपुर. बिष्टुपुर स्थित सेंटर फॉर एक्सिलेंस में आयोजित सातवें झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल-2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को 12 चुनिंदा फिल्मों की पब्लिक स्क्रीनिंग की गयी. इस दौरान क्षेत्रीय संस्कृति, सामाजिक मुद्दों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी फिल्मों ने दर्शकों का ध्यान खींचा. वहीं, स्क्रीनिंग से पहले आयोजित मास्टर क्लास में संताली सिनेमा के निर्माता-निर्देशक और लेखक मानसिंह माझी ने युवा फिल्मकारों व मास कॉम के विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की बारीकियों की जानकारी दी.
‘मोरी गोली तो पाई मुं’ से हुई स्क्रीनिंग की शुरुआत
फिल्मों की स्क्रीनिंग का सिलसिला बहरागोड़ा के फिल्मकार सुमांता बाला की फिल्म ‘मोरी गोली तो पाई मुं’ से शुरू हुआ. इसके बाद ‘गरीब अमीर’, ‘किसांण बोंगा’, ‘ओ छोरा’, ‘ऑवर ड्यूटी फॉर नेचर’, ‘सहारा’, ‘वंदे मातरम’, ‘प्रेरणा’, ‘बूंद’, ‘मैं हूं करहूं बिहाव’, ‘फूल औ डारी’ और ‘टूटी उड़ान’ सहित कुल 12 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया.
दोपहर 2:30 बजे से रात 8:30 बजे तक चले फिल्मोत्सव में दर्शकों की अच्छी भीड़ रही. प्रत्येक फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों और युवा फिल्मकारों ने फिल्म के विषय और प्रस्तुति को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं. दर्शकों ने फिल्मों के साथ-साथ उनके निर्माता और निर्देशकों की मेहनत की भी सराहना की. इन फिल्मों के माध्यम से समाज के अलग-अलग पहलुओं, क्षेत्रीय संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को पर्दे पर प्रस्तुत किया गया. इससे दर्शकों को सिनेमा के विभिन्न विषयों और शैलियों को करीब से समझने का अवसर मिला.
युवाओं के लिए खास रही मास्टर क्लास
फिल्म स्क्रीनिंग से पहले आयोजित मास्टर क्लास युवाओं के लिए खास रही. इसमें संताली सिनेमा के निर्माता-निर्देशक और लेखक मानसिंह माझी विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए. उन्होंने युवा फिल्मकारों और मास कॉम के छात्र-छात्राओं को फिल्म निर्माण की तकनीकी बारीकियों, निर्देशन और व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी दी.
मानसिंह माझी ने कहा कि सफल फिल्म बनाने के लिए केवल अच्छा विचार होना पर्याप्त नहीं है. फिल्म निर्माण से पहले की तैयारी यानी प्री-प्रोडक्शन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने कहा कि फिल्म शुरू करने से पहले पटकथा, पात्रों का चयन, तकनीकी उपकरण और बजट को लेकर पूरी तैयारी करनी चाहिए. योजना जितनी सटीक होगी, निर्माण के दौरान समय और धन की बचत उतनी ही बेहतर तरीके से हो सकेगी.
युवाओं को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास
जेएनएफएफ के संस्थापक सह निदेशक राजू मित्रा और संजय सतपथी ने कहा कि सातवें झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य और देश की कई अन्य चर्चित फिल्मों की भी स्क्रीनिंग की जायेगी. इससे जमशेदपुर के कला प्रेमियों और युवा फिल्मकारों को सिनेमा के अलग-अलग आयामों को करीब से समझने का मौका मिलेगा.