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सुठालिया परियोजना के किसानों का प्रदर्शन:4 गुना मुआवजे की मांग, बांध पर आंदोलन की चेतावनी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बोले- सरकार की नाकामी
राजगढ़ में सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों ने मंगलवार को मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। गुना और राजगढ़ जिले के किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। किसानों की मुख्य मांग है कि परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को चार गुना मुआवजा दिया जाए। साथ ही वर्षों से लंबित पुनर्वास और परिसंपत्तियों के भुगतान का निपटारा किया जाए। धरने के दौरान नेताओं ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन को बांध स्थल तक ले जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो परियोजना का काम रोका जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष बोले- अब केवल ज्ञापन देने से काम नहीं चलेगा जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब केवल ज्ञापन देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रभावित 65 गांवों के किसानों से एकजुट होकर बांध स्थल पर काम रोकने का अभियान चलाने का आह्वान किया। सौंधिया ने कहा कि जब परियोजना का काम रुकेगा, तभी सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान किसानों की मांगों पर जाएगा। उन्होंने कहा कि चार गुना मुआवजे के लिए लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। सरकार कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास कर सभी प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के खातों में पूरा मुआवजा नहीं पहुंचता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रियव्रत बोले- किसानों का धरना देना दर्शाता है सरकारी नाकामी पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने कहा कि किसानों को अपने अधिकार के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर बैठना पड़ रहा है। इससे बड़ी प्रशासनिक और सरकारी नाकामी क्या होगी। उन्होंने कहा कि गुना और राजगढ़ के प्रभावित किसान लंबे समय से मुआवजे और पुनर्वास लाभ की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। 80% किसानों को कम दर पर भुगतान का दावा किसानों का कहना है कि परियोजना में करीब 80 प्रतिशत प्रभावित किसानों को पहले कम दर से भुगतान किया जा चुका है। करीब 20 प्रतिशत किसानों का भुगतान अभी बाकी है। किसानों की मांग है कि जिन किसानों को कम दर पर राशि मिल चुकी है, उन्हें संशोधित दर के अनुसार अंतर की राशि दी जाए। वहीं, बाकी किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाए। मकान, कुएं और पेड़ों का मुआवजा भी लंबित किसानों ने बताया कि जमीन के अलावा मकान, कुएं, ट्यूबवेल, फलदार पेड़, सिंचाई पाइपलाइन और अन्य परिसंपत्तियों का मुआवजा भी कई मामलों में लंबित है। टोड़ी, निवारा और गुर्जरखेड़ी के प्रभावित परिवारों के मकान का मुआवजा देने की मांग की गई। किसानों ने टोड़ी के 24 और गुर्जरखेड़ी के तीन मकानों को पूर्ण प्रभावित मानकर दोबारा परीक्षण कराने की मांग भी रखी। पहले धरना, फिर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन किसानों ने पहले कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने किसानों को संबोधित किया। नेताओं के संबोधन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिवार आईडी, विस्थापन लाभ, भूमिहीन और 90 से 100 प्रतिशत प्रभावित परिवारों को पात्रता के अनुसार लाभ देने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को बांध स्थल तक ले जाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।