Wednesday, 19 August 2026
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प्रयागराज में जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त: DM और नगर आयुक्त को तलब, रामबाग रेलवे ट्रैक भी पानी में डूबा

INT News18 August 2026 at 10:12 pm

UP Flood: लगातार बारिश के बाद शहर में बिगड़े जलभराव के हालात पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. शहर के बड़े हिस्से में पानी भरने और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है. अदालत ने प्रयागराज के जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से तलब कर जलभराव रोकने के इंतजामों पर जवाब मांगा है.

शहर का करीब 90 फीसदी हिस्सा जलभराव की चपेट में

लगातार तीसरे दिन हुई बारिश से प्रयागराज के कई इलाके जलमग्न हो गये. करेली में करीब चार फीट तक पानी भरने से कई घरों में लोग फंस गये. एनडीआरएफ की टीम ने नाव की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. राजरूपपुर, हरवारा, लूकरगंज, रामबाग, मुट्ठीगंज, दारागंज, सलोरी और छोटा बघाड़ा समेत कई इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही.

हाईकोर्ट ने पूछा- पहले से क्यों नहीं किये गये इंतजाम?

जलभराव को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने डीएम और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि निचले इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की गयी. नगर विकास एवं नियोजन विभाग के सचिव से भी हलफनामा दाखिल कर जलनिकासी को लेकर स्वीकृत योजनाओं और उनकी स्थिति की जानकारी देने को कहा गया है.

15 करोड़ की नाला सफाई के बाद भी पानी में डूबा शहर

जलभराव के बाद नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मानसून से पहले नाला सफाई के लिए 15 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया था. इसके बावजूद भारी बारिश में नाले और सीवर उफन गये और कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया.

रामबाग स्टेशन के तीन ट्रैक जलमग्न

बारिश का असर रेलवे परिचालन पर भी पड़ा है. रामबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन के ट्रैक पानी में डूब गये. कुछ स्थानों पर पटरियों के ऊपर करीब तीन फीट तक पानी होने की सूचना है. सुरक्षा के मद्देनजर इन प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का संचालन रोककर उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच से चलाया जा रहा है. रेलवे ने पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाये हैं.

सीएमपी कॉलेज में भी घुसा बारिश का पानी

मूसलाधार बारिश के कारण सीएमपी डिग्री कॉलेज परिसर में भी पानी भर गया. कई कक्षाओं और प्राचार्य कार्यालय तक पानी पहुंचने से पढ़ाई प्रभावित हुई. कॉलेज प्रशासन ने जलभराव के लिए परिसर के पास चल रहे नाला निर्माण को जिम्मेदार बताया है.

गंगा रिवर फ्रंट पर पानी में डूबी कार

दारागंज में गंगा रिवर फ्रंट भी बाढ़ के पानी में डूब गया. इसी दौरान फाफामऊ से संगम की ओर जा रही एक कार गहरे पानी में फंस गयी. कार में सवार सात लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचायी, लेकिन देखते ही देखते कार पानी में समा गयी. लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रयागराज में प्रशासन के सामने जलनिकासी और निचले इलाकों को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब अधिकारियों की जवाबदेही पर भी नजर रहेगी.

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