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33% पंचायती जमीन पर फलदार पौधे लगाने की मांग:पंजाब में गेहूं-धान के बजाय बागवानी बढ़ाने पर जोर; BJP महासचिव को सौंपा ज्ञापन
पंजाब में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और पंचायतों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘द ग्रीन पंजाब मिशन टीम इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट, सतपाल सिंह देहड़का’ ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। ट्रस्ट ने मांग की है कि आगामी चुनावी घोषणा पत्र में पंचायतों की जमीन के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से पर बागवानी और फलदार पौधे लगाने की नीति शामिल की जाए। इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से भाजपा पंजाब के महासचिव अनिल सरीन को मांगपत्र सौंपा गया। मांगपत्र पर चर्चा के दौरान भाजपा पंजाब के महासचिव अनिल सरीन ने सवाल उठाया कि पंचायतों की जमीन आमतौर पर ठेके पर दी जाती है, जबकि फलदार पौधों से आमदनी शुरू होने में करीब तीन साल लग सकते हैं। ऐसे में पंचायतें अपनी जमीन बागवानी के लिए देने को कैसे तैयार होगी। ग्रीन पंजाब मिशन टीम का सुझाव ग्रीन पंजाब मिशन टीम ने सुझाव दिया कि सरकार पहले 2 साल के ठेके की राशि संबंधित पंचायतों को अदा करे, ताकि इस अवधि में जमीन पर फलदार पौधे लगाकर उनकी देखभाल की जा सके। टीम के सदस्यों के अनुसार, तीसरे साल से फल मिलने शुरू होने पर पंचायतों को लंबे समय तक आमदनी का एक नया स्रोत मिल सकता है। इससे पारंपरिक गेहूं और धान की खेती के मुकाबले अधिक लाभ मिलने की संभावनाएं भी बन सकती हैं। नियमित आमदनी के अवसर पैदा होंगे ट्रस्ट का मानना है कि पंचायतों की जमीन पर बड़े स्तर पर फलदार पौधे लगाने से गांवों में हरियाली बढ़ेगी और पंचायतों के लिए नियमित आमदनी के अवसर पैदा होंगे। साथ ही पेड़ों की संख्या बढ़ने से वायु गुणवत्ता सुधारने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। लंबे समय में यह पहल पंजाब में गिरते भूजल स्तर और बढ़ते प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के प्रयासों को भी मजबूती दे सकती है। ट्रस्ट के मुख्य सेवादार सतपाल सिंह देहड़का ने बताया कि संस्था लंबे समय से पंजाब के पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। टीम 80 हजार विरासती पेड़ लगा चुकी उन्होंने दावा किया कि ग्रीन पंजाब मिशन की टीम जगराओं और आसपास के क्षेत्रों में अब तक करीब 80 हजार विरासती पेड़ लगाकर उनका सफलतापूर्वक संरक्षण कर चुकी है। इसके अलावा करीब 15 लाख पौधे आम संगत को निशुल्क वितरित किए गए हैं। बागवानी क्षेत्र बढ़ाना समय की जरूरत सतपाल सिंह देहड़का ने कहा कि पंजाब आज बढ़ते प्रदूषण, गंभीर बीमारियों, भूजल के गिरते स्तर और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जंगलों और बागवानी के अधीन क्षेत्र बढ़ाना समय की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा पंजाब पर्यावरण संरक्षण और पंचायतों की आर्थिक मजबूती से जुड़े इस सुझाव को आगामी चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने पर गंभीरता से विचार करेगी। इस मौके पर संचित गर्ग, मैडम कंचन गुप्ता, लखविंदर सिंह धंजल और सतपाल सिंह देहड़का सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।