Thursday, 20 August 2026
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मंदसौर के चार थानों को डीआईजी की चेतावनी:एनडीपीएस कार्रवाई में पीछे रहे, 2015 से पेंडिंग केस देखकर भड़के

INT News20 August 2026 at 09:43 pm

मंदसौर जिले में कानून व्यवस्था और अपराधों की स्थिति की समीक्षा के लिए गुरुवार को रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक ली। इसमें जिले के थाना प्रभारी और राजपत्रित पुलिस अधिकारी शामिल हुए। दोपहर से देर शाम तक चली बैठक में लंबित अपराध, एनडीपीएस मामले, चोरी-नकबजनी, लूट, फरार आरोपी और वारंटियों की गिरफ्तारी की समीक्षा की गई। एनडीपीएस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी डीआईजी ने थाना प्रभारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और मुखबिर तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। जिन थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से एनडीपीएस के तहत कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, वहां के थाना प्रभारियों के प्रति उन्होंने नाराजगी जताई। सुवासरा और भावगढ़ सहित कुछ थानों में कार्रवाई नहीं होने पर डीआईजी ने थाना प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुराने एनडीपीएस मामलों में गिरफ्तारी के निर्देश बैठक में पुराने एनडीपीएस मामलों की भी समीक्षा हुई। डीआईजी ने गिरफ्तारियों और फरार आरोपियों की स्थिति की जानकारी ली। लंबित मामलों के कारणों पर चर्चा के बाद फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि मंदसौर एनडीपीएस के लिहाज से संवेदनशील जिला है। ऐसे में मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। चोरी, लूट और वाहन चोरी पर भी फोकस संपत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान चोरी, नकबजनी और लूट के मामलों में जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वाहन चोरी रोकने, चोरी हुए वाहनों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। बैठक में लंबित अपराधों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को शिकायतों का तय समय में समाधान करने और गंभीर अपराधों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी, अवैध हथियार, अवैध शराब और महिला एवं बाल अपराधों पर कार्रवाई के लिए भी कहा गया। 2015 से 2017 तक के पुराने केस भी मिले लंबित समीक्षा के दौरान कुछ थानों में वर्ष 2015 से 2017 तक के अपराध भी लंबित पाए गए। डीआईजी ने ऐसे मामलों के निराकरण के लिए एसडीओपी और थाना प्रभारी की टीम बनाने के निर्देश दिए। टीम पुराने मामलों की समीक्षा कर उनका जल्द निराकरण करेगी। डीआईजी ने अच्छा काम करने वाले थाना प्रभारियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि समीक्षा में यह देखा गया कि कौन सा थाना बेहतर काम कर रहा है और कहां अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन 3 से 4 थाना क्षेत्रों में एनडीपीएस की कार्रवाई नहीं हुई थी, वहां के थाना प्रभारियों को विशेष रूप से सचेत किया गया। डीआईजी बोले- मंदसौर एनडीपीएस का हब से चर्चा में डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। अपराधों की स्थिति और अधिकारियों के काम की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस उनके लिए महत्वपूर्ण विषय है। पुराने मामलों में गिरफ्तारी और लंबित मामलों की स्थिति भी देखी गई। उन्होंने बताया कि जिन थानों में एनडीपीएस की कार्रवाई नहीं हो रही है, उन्हें सचेत किया गया है। मंदसौर एनडीपीएस के लिहाज से हब है। इसलिए यहां कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर प्रभावी तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।