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एक महीने बाद खुला राज, इनामी नक्सली दंपती मंगल-मालती ने हथियारों संग किया सरेंडर

घाटशिला/जमशेदपुर. पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहे इनामी नक्सली दंपती समीर उर्फ मंगल महतो और मालती मुर्मू के आत्मसमर्पण की पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को आधिकारिक पुष्टि की. पुलिस के अनुसार, पांच लाख रुपये के इनामी मंगल और दो लाख रुपये की इनामी उसकी पत्नी मालती ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय में हथियारों के साथ सरेंडर किया.
दोनों के सरेंडर की खबर को लेकर पिछले करीब एक महीने से स्थिति स्पष्ट नहीं थी. अब बंगाल पुलिस की पुष्टि के बाद मामले से जुड़ा सस्पेंस खत्म हो गया है.
सितंबर में पकड़े जाने के बाद झारखंड लायी गयी थी पुलिस
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को पश्चिमी मेदनीपुर के सालबनी थाना क्षेत्र के सरबेड़िया गांव से मंगल और मालती को पकड़ा था. इसके बाद 23 सितंबर को दोनों को झारखंड लाया गया.
पुलिस के मुताबिक, दोनों की निशानदेही पर एमजीएम थाना क्षेत्र के छोटाबांकी, कुदलुंग पहाड़ और चाकुलिया के जोभी जंगल के आसपास जमीन में छिपाकर रखे हथियार और कारतूस बरामद किये गये. पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के बाद शुक्रवार को दोनों का औपचारिक सरेंडर दर्ज किया गया.
किशनजी के मुख्य अंगरक्षक के रूप में काम कर चुका था मंगल
पुलिस के अनुसार, समीर उर्फ मंगल महतो वर्ष 2008 में नौवीं कक्षा की परीक्षा देने के बहाने घर से निकला था और इसके बाद माओवादी संगठन से जुड़ गया. वह माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी का मुख्य अंगरक्षक रहा था. पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2011 में किशनजी के साथ मुठभेड़ के दौरान मंगल भी मौके पर मौजूद था, लेकिन सुरक्षा बलों की घेराबंदी से निकलकर भागने में सफल रहा था.
15 साल की उम्र में संगठन से जुड़ी थी मालती
पुलिस के अनुसार, मालती मुर्मू करीब 15 वर्ष की उम्र में माओवादी संगठन से जुड़ी थी. संगठन में रहते हुए दोनों ने विवाह किया. किशनजी की मौत के बाद दोनों पश्चिम बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल उर्फ आकाश के दस्ते के साथ झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय रहे. पुलिस का दावा है कि मंगल एके-47 और मालती इंसास राइफल रखती थी.
निशानदेही पर हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार, नक्सली दंपती की निशानदेही पर की गयी कार्रवाई में कुल दो आधुनिक राइफल, 232 चक्र गोलियां, पांच मैगजीन और एक सीलिंग बरामद हुई.
कुदलुंग पहाड़, एमजीएम: एक इंसास राइफल, 85 चक्र गोलियां, तीन मैगजीन और एक सीलिंग बरामद होने का दावा.
जोभी जंगल, चाकुलिया: एक एकेएम राइफल, 147 चक्र गोलियां और दो मैगजीन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है.
सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर पुलिस का फोकस
मंगल और मालती के सरेंडर से पहले भी झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में कई इनामी नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को बंगाल पुलिस ने 2.20 करोड़ रुपये के इनामी असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया था. वहीं, 10 सितंबर को 15 लाख रुपये के इनामी राम प्रसाद मार्डी ने पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया था.
झारखंड पुलिस ने भी दलमा तराई क्षेत्र से 15 लाख रुपये के इनामी मदन महतो और पांच लाख रुपये के इनामी सागर उर्फ विरेन सिंह को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी. पुलिस के मुताबिक, मंगल और मालती के आत्मसमर्पण से सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.