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जलभराव की समस्या दूर कराईं, सड़क भी हुई दुरुस्त:पार्षद बबीता बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’; कचरा, सीवेज और जलभराव की शिकायतें पहुंचीं जिम्मेदारों तक
भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मामलों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है।
(आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 81 की पार्षद बबीता डोंगरे बनीं आज की “पब्लिक स्टार” मधुबन पार्क फेज-1, गेहूखेड़ा, कोलार रोड निवासी आशीष ने जलभराव की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि थोड़ी सी बारिश में ही यहां जलभराव होने लगता है। इसके कारण आसपास की करीब चार-पांच कॉलोनियों के 500 से 700 लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड 81 की पार्षद बबीता डोंगरे ने मामले पर संज्ञान लिया और जलभराव की समस्या का समाधान कराया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान सीएम की कॉलोनी: खराब सड़क की समस्या हुई दूर श्यामला हिल्स निवासी विनोद अहिरवार ने कॉलोनी में सड़क की खराब स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि यहां सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को काफी तकलीफ हो रही थी। वाहन निकालने में परेशानी के साथ कई लोग गिर भी चुके थे। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने सड़क का काम कराकर समस्या का समाधान किया। इसकी पुष्टि खुद शिकायतकर्ता ने की। कचरा, सीवेज और जलभराव की समस्याओं से परेशान भोपालवासी करोंद: टूटे मकान का मलबा पड़ा, कचरे से डेंगू का खतरा वार्ड 78, जोन 17 स्थित पंचवटी कॉलोनी फेज-2, करोंद निवासी मयंक अग्रवाल ने टूटे मकान के मलबे को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि एक मकान टूटने के बाद वहां मलबा पड़ा हुआ है। इसके कारण लोग वहीं कचरा फेंकने लगे हैं। कचरे के ढेर से क्षेत्र में डेंगू का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ईदगाह हिल्स: टूटी सिविल लाइन से सड़क पर फैल रहा गंदा पानी ईदगाह हिल्स, बजपेयी नगर आवास योजना निवासी धर्मेंद्र गुर्जर ने सिविल लाइन की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि यहां सिविल लाइन के पाइप टूटे हुए हैं, जिससे मलवा और गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। बदबू के कारण पूरे मोहल्ले की स्थिति खराब है। उनका कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी यहां आकर देखकर चले जाते हैं। ईदगाह हिल्स: जगह-जगह फैली गंदगी, सफाई नहीं होने से रहवासी परेशान ईदगाह हिल्स रोड, बजपेयी नगर निवासी राहुल मोहे ने क्षेत्र में फैली गंदगी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि यहां बहुत ज्यादा गंदगी रहती है। कचरा जगह-जगह पड़ा हुआ है और सफाई करने के लिए कोई नहीं आता। बैरसिया रोड: सड़क पर भरा नाली का गंदा पानी, आवाजाही में परेशानी बैरसिया रोड निवासी संगीता सिकानिया ने सड़क पर नाली का पानी भरने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि भोपाल टॉकीज की ओर जाने वाली सड़क पर नाली का पानी भरा रहता है। आगे रास्ता संकरा होने के कारण आवाजाही में परेशानी होती है। मेट्रो के लिए लगे डिवाइडर के कारण सड़क का आधा हिस्सा भी प्रभावित है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।