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रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने के खिलाफ याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई आज

West Bengal Politics News: कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करेगी. इस याचिका में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी गुट के विधायक रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (LoP) नियुक्त किये जाने के फैसले पर किसी भी प्रकार का अंतरिम आदेश देने से इनकार करने वाले एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी है.
रीतब्रत बनर्जी के वकील ने कोर्ट में दी जोरदार दलील
मंगलवार को सुनवाई के दौरान रीतब्रत बनर्जी के अधिवक्ता ने न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ के समक्ष अपना पक्ष रखा. उन्होंने अदालत में दलील दी कि रीतब्रत बनर्जी की नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्ति पूरी तरह से संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के प्रावधानों के अनुरूप की गयी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दलीलों की सुनवाई बुधवार को भी जारी रखने का निर्देश दिया.
एकल पीठ ने स्टे लगाने से कर दिया था इनकार
उच्च न्यायालय की एक एकल पीठ ने 18 जून को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस द्वारा तृणमूल के बागी गुट के विधायक रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने के फैसले पर स्टे या अंतरिम आदेश जारी करने से साफ इनकार कर दिया था और मुख्य मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई तय की थी.
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एकल पीठ के फैसले के खिलाफ खंडपीठ पहुंचा ममता गुट
एकल पीठ के इस रुख के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने खंडपीठ का रुख किया. चट्टोपाध्याय ने अपनी याचिका में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए अपने नाम को खारिज किये जाने और रीतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को पूरी तरह गैर-कानूनी बताते हुए चुनौती दी है. अब बुधवार को खंडपीठ इस पर महत्वपूर्ण सुनवाई करेगी.
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