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साहिबगंज में गंगा प्रदूषण और अवैध पत्थर कारोबार पर NGT में सुनवाई, 29 जनवरी को अगली तारीख

रांची: साहिबगंज में गंगा नदी के प्रदूषण और अवैध पत्थर कारोबार के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सोमवार को सुनवाई हुई. कोलकाता स्थित एनजीटी की ईस्टर्न जोन बेंच ने याचिका संख्या 162/2023 में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षकारों के जवाब रिकॉर्ड पर लिये. मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी 2027 को होगी.
विभागों ने दाखिल की जवाब और जांच रिपोर्ट
पर्यावरण कार्यकर्ता सैयद अरशद नसर ने याचिका दायर कर गंगा नदी और उसके तटवर्ती क्षेत्रों में पत्थर, चिप्स और मेटल के अवैध परिवहन, भंडारण और स्टॉकयार्ड संचालन का आरोप लगाया है. याचिका के अनुसार, इन गतिविधियों से गंगा में प्रदूषण बढ़ रहा है और संरक्षित प्रजाति गंगा डॉल्फिन सहित जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर खतरा उत्पन्न हो रहा है.
एनजीटी के पूर्व आदेश के आलोक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खान विभाग, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, साहिबगंज जिला प्रशासन और संबंधित निजी पक्षकारों ने जवाब और जांच रिपोर्ट दाखिल की है. पीठ ने याचिकाकर्ता को इन जवाबों पर प्रतिउत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है.
खनिजों के उठाव और परिवहन पर रोक लगाने की मांग
याचिका में गंगा और उसके आसपास खनिजों के उठाव, परिवहन और स्टॉकयार्ड संचालन पर रोक लगाने, दोषियों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने तथा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने की मांग की गयी है. अरशद नसर ने कहा कि विभागों के जवाबों पर तथ्यों के साथ प्रतिउत्तर दाखिल किया जायेगा. उन्होंने कहा कि गंगा को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी.