शहरों में कई स्किन और हेयर क्लिनिक सस्ते पैकेज में लेजर, हेयर ट्रांसप्लांट और पीआरपी जैसे ट्रीटमेंट का दावा करते हैं। लेकिन कई क्लिनिक बिना वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। हाल ही में भोपाल के एमपी नगर स्थित डॉ. बत्रा होम्योपैथी क्लिनिक (हेयर एंड स्किन) को स्वास्थ्य विभाग ने सील किया। जांच में क्लिनिक के पास वैध रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नहीं मिला। इस कार्रवाई के बाद दैनिक भास्कर टीम ने भोपाल में हेयर ट्रांसप्लांट और स्किन केयर क्लिनिकों की पड़ताल की। इसमें पता चला कि शहर में करीब 30 क्लीनिक बिना डर्मेटोलॉजिस्ट के त्वचा और बालों के इलाज का दावा कर रहे हैं। कोई होम्योपैथी की डिग्री पर इलाज कर रहा है, तो कोई दुबई में बैठे डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन पर मरीजों से मोटी रकम वसूल रहा है। भास्कर ने क्लिनिक चला रहे कथित डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नेशनल मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट पर चेक किए, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पास होम्योपैथी की डिग्री है और उन्होंने कॉस्मेटोलॉजिस्ट का कोर्स किया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कॉस्मेटोलॉजी सिर्फ स्किल सर्टिफिकेट है, जैसे ब्यूटी पार्लर का कोर्स। लेजर ट्रीटमेंट और हेयर ट्रांसप्लांट के लिए एमबीबीएस या एमडी डर्मेटोलॉजिस्ट की डिग्री जरूरी है। रिपोर्ट में पढ़िए, खूबसूरती के नाम पर कैसे चल रहा है यह काला कारोबार… हकीकत: दूसरे डॉक्टर की पहचान पर चल रहा क्लीनिक शहर के पॉश इलाके शाहपुरा स्थित डिवाइन कॉस्मेटिक क्लिनिक इस फर्जीवाड़े का बड़ा उदाहरण है। यहां प्रैक्टिस करने वाले अमित पांडेय खुद को एमडी डर्मेटोलॉजी बताते हैं, लेकिन उनकी एलोपैथिक डिग्री का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। पड़ताल में खुलासा हुआ कि उनके प्रिस्क्रिप्शन (पर्चे) पर दर्ज रजिस्ट्रेशन नंबर (MP-24113) हरियाणा के डॉक्टर जतिन यादव के नाम पर है। यानी एक डॉक्टर की पहचान का इस्तेमाल कर दूसरा व्यक्ति इलाज कर रहा है। अमित पांडेय सोशल मीडिया पर दावा करते हैं कि वे 4000 से ज्यादा सर्जरी कर चुके हैं। वीडियो में वे लेजर और हेयर ट्रांसप्लांट जैसे प्रोसीजर करते दिखते हैं, जो बिना वैध MBBS डिग्री और विशेषज्ञता के अवैध हैं। अमित पांडेय बोले- मैं प्रचार करता हूं, इलाज नहीं करता इस मामले में डॉ. अमित पांडेय ने कहा कि उनके पास बीएचएमएस यानी होम्योपैथी की डिग्री है। डॉक्टर जतिन यादव के रजिस्ट्रेशन के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि उनके यहां अलग-अलग डॉक्टर इलाज करते हैं और वे डिवाइन कॉस्मेटिक क्लिनिक के डायरेक्टर हैं। सोशल मीडिया पर 4 हजार से ज्यादा सर्जरी के दावे पर डॉ. पांडेय ने कहा कि वे केवल प्रचार करते हैं, इलाज नहीं करते। उन्होंने कॉस्मेटोलॉजिस्ट का कोर्स किया है। बिना नाम के पर्चे और फर्जीवाड़े का नेटवर्क शाहिद अली (BHMS) द्वारा संचालित ‘स्किन ऑरा’ और ‘डर्मा ऑरा’ क्लीनिक भोपाल में 5 शाखाओं में चल रहे हैं। यहां मरीजों को दिए जाने वाले पर्चों पर डॉक्टर का नाम तक नहीं होता। नियम के मुताबिक, हर पर्चे पर डॉक्टर का नाम, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य है, ताकि गड़बड़ी होने पर जिम्मेदारी तय की जा सके। स्किन ऑरा क्लीनिक के पर्चों पर दो रजिस्ट्रेशन नंबर- 16472 और 27330 दर्ज हैं। नेशनल मेडिकल काउंसिल की साइट पर जांच में पहला नंबर डॉ. जहीर और दूसरा नंबर डॉ. प्रदीप धुर्वे के नाम पर दर्ज मिला। भास्कर से बातचीत में डॉक्टर जहीर ने कहा कि उनका अब इस क्लीनिक से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल दुबई में प्रैक्टिस कर रहे हैं। वहीं डॉ. प्रदीप कुमार धुर्वे (MP-27330) ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना उनके नंबर का उपयोग अवैध है और वे इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। यहां कुष्ठ रोग (Leprosy) जैसी अधिसूचित बीमारी का इलाज भी किया जा रहा है, जिसकी जानकारी सरकारी अधिकारियों को देना अनिवार्य है। डॉ. शाहिद बोले- जहीर भाई ऐसा कैसे बोल सकते हैं इस संबंध में भास्कर से बातचीत में डॉ. शाहिद ने कहा कि उनके पास बीएचएमएस की डिग्री और अधूरी एमबीबीएस की पढ़ाई है। जब उनसे पूछा गया कि जिस डॉ. जहीर के रजिस्ट्रेशन पर इलाज हो रहा है, उनका क्लीनिक से कोई संबंध नहीं है और वे दुबई में रहते हैं, तो शाहिद ने कहा, -अच्छा जहीर भाई ने ऐसा बोला तो उनका रजिस्ट्रेशन नंबर पर्चे से हटा देते हैं। वो हमारे भाई है। मैं उनसे बात करता हूं। शाहिद ने कहा कि वे इलाज नहीं करते, बल्कि डॉक्टरों का पैनल हेयर ट्रांसप्लांट और अन्य बीमारियों का इलाज करता है। होम्योपैथी की आड़ में एलोपैथिक सर्जरी जवाहर चौक स्थित एस परफेक्शन क्लीनिक में चैतन्य शर्मा बीएचएमएस डिग्री के सहारे ऐसे प्रोसीजर कर रहे हैं, जिनके लिए केवल एमडी डर्मेटोलॉजिस्ट अधिकृत हैं। यहां लिप फिलर्स, हेयर ट्रांसप्लांट, GFC और विटिलिगो (सफेद दाग) की सर्जरी की जा रही है। चिकित्सा नियमों के अनुसार, होम्योपैथिक डॉक्टर एलोपैथिक सर्जरी या आधुनिक कॉस्मेटिक प्रोसीजर नहीं कर सकता। भास्कर ने डॉ. चैतन्य शर्मा से पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। नाम के आगे MBBS, लेकिन रिकॉर्ड से गायब भ्रामक डिग्री का एक मामला एडवांस न्यूरोपैथी एंड स्किन केयर क्लीनिक की आशा श्रीवास्तव का भी है। वे लेटरहेड और सोशल मीडिया पर खुद को एमबीबीएस लिखती हैं। लेकिन नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के रजिस्टर में उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। बिना वैध रजिस्ट्रेशन के वे मरीजों को Doxycycline और Azithromycin जैसी हैवी एंटीबायोटिक दवाएं लिख रही हैं और लेजर ट्रीटमेंट भी कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वे वीडियो अपलोड कर लेजर ट्रीटमेंट का दावा करती हैं। भास्कर ने डॉ. आशा श्रीवास्तव से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं इंडियन डॉक्टर्स एंड डर्मेटोलॉजिस्ट अगेंस्ट क्वैकरी (IDDAQ) संस्था ने ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। संस्था के राष्ट्रीय संयोजक अमरेंद्र पांडे ने कहा कि सबूतों के साथ संबंधित जिलों के सीएमएचओ दफ्तरों में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पांडे के मुताबिक, भोपाल में पांच-छह सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं, जहां त्वचा रोगों का सही और निशुल्क इलाज होता है। इसके बावजूद बिना डिग्री के लोग लेजर, केमिकल पील, PRP और हेयर ट्रांसप्लांट जैसे जटिल ट्रीटमेंट कर मरीजों की सेहत और खूबसूरती के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएमएचओ बोले- शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा ने इस पूरे मामले पर कहा कि फेक डॉक्टर्स की शिकायत संज्ञान में ली गई है। बिना रजिस्ट्रेशन के इलाज करना पूरी तरह गलत है। अगर किसी मरीज को किसी भी तरह का रिएक्शन हो तो वो सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत कर सकता है।
होम्योपैथी का डॉक्टर… और दावा सिर पर बाल उगाने का:पर्चे पर जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर वो दुबई में बैठा, एमपी में स्किन क्लीनिक की हकीकत
