हरियाणा BJP विधायक बोलीं- वोट दो, शादी करवाऊंगी,VIDEO:चेयरपर्सन प्रत्याशी की सभा में कहा- रेवाड़ी में कोई कुंवारा नहीं रहेगा; मंत्री आरती राव ने भी ली चुटकी

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हरियाणा के रेवाड़ी में भाजपा की विधायक बिमला चौधरी नगर निकाय चुनाव के प्रचार में ‘वोट दो और शादी करवाओ’ का अनोखा वादा करके चर्चा में आ गई हैं। रेवाड़ी नगर परिषद से चेयरपर्सन पद की भाजपा उम्मीदवार विनीता पीपल के समर्थन में जनसभा के दौरान विधायक ने ये वादा किया। मंच पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थीं। इस दौरान पटौदी से भाजपा विधायक बिमला चौधरी ने कहा- मेरी माताओं-बहनों, आप विनीता को जिताकर भेजो। शहर के विकास की जिम्मेदारी हमारी है और तो और, आज मैं इस मंच से एक और वादा करती हूं, जिन युवाओं की शादियां नहीं हो रही हैं, जो कुंवारे बैठे हैं, उनकी शादी कराने का जिम्मा भी मेरा है, आप बस आशीर्वाद दीजिए। विधायक के इतना कहते ही जनसभा में मौजूद हर शख्स ठहाके मारकर हंसने लगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भी विधायक के इस बयान की चुटकी ली। बता दें कि हरियाणा में निकाय चुनाव के लिए 10 मई को वोट डाले जाएंगे और 13 मई को नतीजों का ऐलान होगा। इस दौरान पंचकूला, सोनीपत, अंबाला नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद और उकलाना, सांपला व धारूहेड़ा नगर पालिका में वोट डाले जाएंगे। विधायक विमला चौधरी ने कही ये बातें… पहली बार शपथपत्र में अनपढ़ बताया, अगली बार 10वीं पास बिमला चौधरी पटौदी एससी रिजर्व सीट से दूसरी बार BJP विधायक बनी हैं। पहली बार साल 2014 में विधायक बनीं। तब नामांकन के साथ दिए शपथपत्र में खुद को अनपढ़ बताया था। 2019 में पार्टी ने इन्हें टिकट नहीं दिया। साल 2024 में दोबारा मैदान में उतारा। तब इन्होंने नामांकन पत्र में खुद के 10वीं पास बताया। इन्होंने खुद को 2018 में नेशनल ओपन स्कूल से मैट्रिक दिखाया। इस बार के चुनाव में कांग्रेस की पर्ल चौधरी को हराया था। धनखड़ भी दे चुके-कुंवारों की शादी कराने का बयान इससे पहले BJP नेता ओमप्रकाश धनखड़ भी ऐसे ही बयान को लेकर सुर्खियों में रहे थे। तब उन्होंने कहा था-अगर हरियाणा में बीजेपी की सरकार आती है, तो राज्य का कोई भी नौजवान कुंवारा नहीं रहेगा और वह बिहार से लड़कियां लाकर उनकी शादी रचाएंगे। साल 2014 में उस वक्त भाजपा पहली बार हरियाणा की सत्ता में आने के लिए संघर्ष कर रही थी। तब प्रदेश के इतिहास में पहली बार भाजपा को बहुमत मिला।
हरियाणा से बिहार तक विवाद बढ़ने पर धनखड़ को सफाई देनी पड़ी थी कि उनकी मंशा सम्मानित तरीके से शादी और उन्हें सुरक्षा देने को लेकर था, जिसे गलत तरीके से पेश किया।