गुरुग्राम जिले के गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। 100 की स्पीड से दौड़ रही ट्रेन उन्हें रौंदती चली गई और शरीर को 200 मीटर तक घसीटते ले गई। जिससे मां-बेटी के शरीर के आधा दर्जन से ज्यादा टुकड़े हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस को कहीं पर हाथ मिला, तो कहीं पैर मिला। सुबह के समय जयपुर जाने के लिए वे दोनों परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ घर से निकले थे। स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो के नजदीक वे रेलवे ट्रैक पार कर टिकट लेने के लिए जा रहे थे। वे दिल्ली की तरफ से ट्रेन आती देखकर दूसरी साइड पर पटरियों पर खड़ी हो गई। बता दें कि ट्रेन हादसे में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग कार्यवाह ब्रजेश सिंह के रिश्ते में भाई विनोद की पत्नी ममता और सास की मौत हुई है। ब्रजेश के बड़े भाई महेश चौहान भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और हिमाचल के प्रभारी भी रहे हैं। एक साथ ट्रैक पर आ गई दो ट्रेन इस ट्रेन से बचने के लिए वे दूसरी ट्रैक पर आई गई, लेकिन इसी दौरान रेवाड़ी की तरफ से भी ट्रेन आ गई। पहली ट्रेन की आवाज में उन्हें दूसरी ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी और ट्रेन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।मृतकों की पहचान अलियार ढाणा गांव निवासी मधुबाला (65 वर्ष) और उनकी बेटी ममता (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वे बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन से जयपुर जाने के लिए निकली थीं। मधुबाला अपने भाई से मिलने जयपुर जा रही थी। पुलिस ने कब्जे में लिए दोनों शव घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस से आईओ बाबूलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पटरी पार करते समय दोनों को ट्रेन का अंदाजा नहीं लग पाया। मामले की जांच की जा रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
गुरुग्राम में ट्रेन से कटकर मां-बेटी की मौत:जयपुर जाने के लिए घर से निकली; ट्रैक पर टुकड़ों में मिली दोनों की बॉडी
