सिद्धार्थनगर में सोमवार को जूनियर डॉक्टर और MBBS सेकंड ईयर के छात्र की राप्ती नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों मेडिकल कॉलेज के दोस्तों के साथ राप्ती नदी में नहाने पहुंचे थे। उन्हें डूबता देख दोस्तों ने मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन जब तक लोग पहुंचे दोनों गहरे पानी में लापता हो चुके थे। पुलिस ने 3 गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया। करीब 3 घंटे बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। मृतक डॉक्टर बस्ती का, जबकि MBBS छात्र राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला था। रेजिडेंट डॉक्टरों के मुताबिक, छात्र के पिता ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। परिवारों को सूचना दी गई है। मामला जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरा मामला…. सत्यम को बचाने में सचिन भी डूबा
जिला मुख्यालय पर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज है। यहां के जूनियर डॉक्टर सत्यम नायक (28 साल) सोमवार की शाम करीब 4 बजे अपने 4 दोस्तों के साथ कार से बांध क्षेत्र में योग माया मंदिर पहुंचे। गर्मी ज्यादा थी, इसलिए सभी बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने उतर गए। नहाते-नहाते सत्यम गहरे पानी में चला गया। वह डूबने लगा। सत्यम को बचाने के लिए MBBS छात्र सचिन (24 साल) आगे बढ़ा, लेकिन वह भी संतुलन खोकर डूबने लगा। कुछ ही देर में दोनों लापता हो गए। उनके 2 साथी विनीत और नितेश ने मदद के लिए शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े। चरवाहे भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सचिन और सत्यम नदी में डूब चुके थे। सूचना मिलते ही जोगिया पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह ने गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दोनों शवों को बाहर निकलवाया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने सचिन और सत्यम को सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2018 में GSBM से किया था एमबीबीएस
सत्यम नायक बस्ती का निवासी था। 2018 में GSBM मेडिकल कॉलेज, कानपुर से एमबीबीएस किया था। वर्तमान में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के पद पर तैनात था। वहीं, सचिन महावर मूल रूप से सवाई माधोपुर का निवासी था। मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र था। चंदा लगाकर छात्र के पिता राजस्थान से सिद्धार्थनगर आ रहे
सचिन महावर के पिता ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे तुरंत राजस्थान से सिद्धार्थनगर आने के लिए वाहन की व्यवस्था कर सकें। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सहयोग करते हुए चंदा इकट्ठा किया, जिसके बाद सचिन का परिवार राजस्थान से सिद्धार्थनगर के लिए रवाना हो सका। सचिन दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई भी मजदूरी करता है। स्थानीय बोले- सबसे बाद में नहाने नदी में उतरे थे दोनों
स्थानीय निवासी राधेश्याम त्रिपाठी ने बताया- राप्ती नदी से मेडिकल कॉलेज 10 किमी की दूरी पर है। छात्र यहां अक्सर नहाने आते थे। सोमवार को भी करीब 5 से 6 लोग नदी पर नहाने पहुंचे थे। इनमें कुछ लोग पहले से ही पानी में उतरकर नहा रहे थे। इसी दौरान दो युवक सबसे आखिर में पानी में उतरे, लेकिन जैसे ही वे अंदर की ओर बढ़े, अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया- चार छात्र नदी में नहाने गए थे, जिनमें से दो की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकलवाए गए। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। ——————————— ये खबर भी पढ़ेंः- कार-बाइक की आमने-सामने टक्कर, ड्राइवर जिंदा जल गया:स्टेयरिंग में फंसा तड़पता रहा, संभल में बाइक सवार की भी कुचलकर मौत संभल में कार में आग लगने से चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं, बाइक सवार एक युवक कार से कुचलकर मर गया। कार और बाइक की सामने से टक्कर हुई, जिसके बाद कार चालक ने कंट्रोल खो दिया। कार सड़क से नीचे उतरकर एक पेड़ से टकरा गई और उसमें आग लग गई।
सिद्धार्थनगर में डॉक्टर और MBBS स्टूडेंट की डूबने से मौत:छात्र के पिता ऑटो ड्राइवर, चंदा जुटाकर बेटे की लाश लेने आ रहे
