सोनीपत नगर निगम चुनाव-2026 से पहले कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह अब खुलकर बगावत में बदलती नजर आ रही है। पार्षद उम्मीदवारों की टिकट कटने के बाद कई दावेदारों ने न केवल निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, बल्कि पार्टी नेतृत्व पर गंभीर और विवादित आरोप भी लगाए हैं। महिला विंग की प्रदेश महासचिव संतोष कादियान व सतबीर निर्माण समेत कई नेताओं ने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व मेयर प्रत्याशी कमल दीवान और पार्टी के सह प्रभारी जितेन्द्र भगेल पर पैसे लेकर टिकट देने के आरोप लगाएं हैं। वहीं, टिकट ने मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने कमजोर उम्मीदवार उतारने और भाजपा के साथ मिलीभगत तक के आरोप जड़ दिए हैं। टिकट वितरण को लेकर “सौदेबाजी”, “रिश्तेदारी”, “फर्जी सर्वे” और “पैसों के खेल” जैसे आरोपों ने चुनाव से पहले ही कांग्रेस की सियासी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व मेयर प्रत्याशी कमल दीवान ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है और कहा कि टिकट को लेकर हाईकमान ने सर्वे करवाकर ही साफ छवि के कैंडिडेट को मैदान में उतारा है।
टिकट कटते ही बगावत तेज, निर्दलीय लड़ने का ऐलान सोनीपत में कांग्रेस पार्टी के पार्षद उम्मीदवारों की टिकट काटे जाने के बाद बगावत लगातार बढ़ रही है। लंबे समय बाद संगठन बनने के बाद पहली बार लोकल बॉडी चुनाव लड़ रही कांग्रेस में खुलकर विरोध सामने आ रहा है। संतोष कादियान सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने और पार्टी के खिलाफ खुलकर बगावत करने का फैसला किया है। संतोष कादियान ने मेयर कैंडिडेट को बताया गद्दार वार्ड नंबर-5 से टिकट की दावेदार संतोष कादियान ने अपनी टिकट कटने पर मौजूदा कांग्रेस जिला अध्यक्ष और मेयर कैंडिडेट को गद्दार बताया है। उन्होंने पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार पर भी गंभीर आरोप लगाए। संतोष ने दावा किया कि कमल दीवान ने एक सप्ताह पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली से मुलाकात की थी और कांग्रेस व भाजपा के बीच कमजोर उम्मीदवार उतारने को लेकर सहमति बनी है।
कमल दीवान पर सौदेबाजी और भाजपा से सांठगांठ के आरोप संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि कमल दीवान जब चुनाव लड़ने से मना कर चुके थे तो उसी समय उन्हें पार्टी से बाहर कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बिना सौदेबाजी के कमल दीवान कोई काम नहीं करते। साथ ही आरोप लगाया कि मेयर उपचुनाव में हार के बाद भी उन्हें टिकट देना पार्टी की बड़ी गलती है। टिकट बंटवारे में पैसे और सर्वे पर सवाल संतोष ने आरोप लगाया कि टिकट बांटने में बड़े स्तर पर पैसे लिए गए। उन्होंने कहा कि वार्ड अनुसार सर्वे के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और जो पैसे नहीं देता उसकी रिपोर्ट खराब बना दी जाती है। उनका दावा है कि 20 लाख रुपए तक की डिमांड की गई और पैसे न देने पर उनकी टिकट काट दी गई। रिश्तेदारी और पक्षपात के आरोप, पायल मलिक पर उठे सवाल संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि पार्षद टिकटों में पंजाबी वर्ग को प्राथमिकता दी गई और स्थानीय लोगों को दरकिनार किया गया। उन्होंने पायल मलिक को टिकट दिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें रिश्तेदारी के आधार पर टिकट दिया गया और केवल 4 महीने में उनका सर्वे करवा दिया गया, जबकि 15 साल की उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया।
सतबीर निर्माण का हमला, 22 वार्ड की टिकट बेचने का आरोप सोनीपत कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सतबीर निर्माण ने भी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 वार्ड की सभी टिकट पैसों में बेची गई हैं। उनका आरोप है कि उनके बेटे की टिकट कटवाकर ऐसे व्यक्ति को टिकट दी गई जो पार्टी का सदस्य तक नहीं है। उन्होंने कमल दीवान पर चुनाव न लड़ने का षड्यंत्र रचने का भी आरोप लगाया। हुड्डा पिता-पुत्र पर भी निशाना, पार्टी को बताया कमजोर सतबीर निर्माण ने भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि “बाप-बेटे ने पार्टी का सत्यानाश कर दिया है” और कमल दीवान को टिकट दिलाने में दोनों का हाथ है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जीतने वाले उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया और इस बार कमल दीवान 50 हजार वोटों से हारेंगे।
ऑब्जर्वर और प्रभारी पर पैसे लेने के आरोप सतबीर ने नाम लेते हुए हरियाणा चुनाव प्रभारी जितेंद्र बघेल और अन्य ऑब्जर्वरों पर भी आरोप लगाया कि वे वार्डों में जाकर 5 से 7 लाख रुपए तक की मांग करते थे और पैसे लेने के बाद ही टिकट तय की जाती थी। उन्होंने कहा कि सर्वे और रायशुमारी के नाम पर पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। कुलदीप खासा और पवन कुमार ने भी खोला मोर्चा वार्ड नंबर 17 से दावेदारी करने वाले कुलदीप खासा ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले पद या चुनाव में से एक चुनने को कहा गया और अब टिकट के समय उनका नाम काट दिया गया। वहीं पवन कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी जगह रिश्तेदार को टिकट दिया गया और इस बार वे निर्दलीय चुनाव लड़कर खुलकर बगावत करेंगे।
निर्दलीय मैदान में उतरने की चेतावनी बागी नेताओं ने साफ कहा है कि वे न केवल निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ खुलकर प्रचार करेंगे। संतोष कादियान ने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर से ही भाजपा को मदद की जा रही है और ऐसे हालात में कांग्रेस का नुकसान तय है। उन्होंने हाईकमान से गद्दारों को बाहर करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी का पूरी तरह से सत्यानाश हो जाएगा।
कमल दीवान ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया आरोपों के बीच कमल दीवान ने सफाई देते हुए कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने टिकट वितरण से पहले ग्राउंड सर्वे कराया था, जिसमें जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे या जिनकी क्षेत्र में पकड़ नहीं थी, उन्हें टिकट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सतबीर निर्माण वार्ड नंबर 2 में नहीं रहते, इसलिए उनके बेटे को टिकट नहीं मिली। संतोष कादियान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इनेलो से कांग्रेस में आई थीं और सर्वे में उनकी ग्राउंड पकड़ कमजोर पाई गई। कमल दीवान ने आगे कहा कि पवन प्रधान कई पार्टियां बदल चुके हैं और पहले भी चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उन्हें नजरअंदाज किया गया। कुलदीप खासा पर फ्रॉड केस और कोर्ट में लंबित मामले होने का हवाला देते हुए टिकट न देने की बात कही। वहीं पूर्व डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत पर भी पद पर रहते हुए अपहरण का केस दर्ज होने का जिक्र किया।
सोनीपत में पार्षद टिकट बेचने के आरोपों में घिरी कांग्रेस:20 लाख में टिकट बेचने व भाजपा से मिलीभगत का आरोप; बागी बोले-फर्जी सर्वे करवाया गया
